
बाढ़ राहत में मांसाहारी भोजन
ग्रामीणों, जिनमें अवनीश कुमार, अहिलकार, रिंकू, पिंटू और अन्य शामिल हैं, ने बताया कि शनिवार शाम को ग्राम प्रधान द्वारा वितरित भोजन में मांसाहारी सामग्री पाई गई। जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो प्रधान ने बेपरवाही से जवाब दिया, “जो कहते हैं, उसे फेंक दो, दूसरों को दे दो।” इससे ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया। महिलाओं ने विशेष रूप से इस घटना को अपनी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया। बड़ी संख्या में गुस्साए ग्रामीण कंपिल थाने पहुंचे और ग्राम प्रधान व उनके साथियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज की। ग्रामीणों ने मांग की कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाए।

Farrukhabad Janmashtami Controversy: पुलिस की जांच
अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने शिकायत मिलने की पुष्टि की और बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं। एएसपी ने आश्वासन दिया कि धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कंपिल थाना प्रभारी ने भी कहा कि वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।
ग्राम प्रधान का पक्ष
ग्राम प्रधान मोहम्मद शमी ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने सोयाबीन की दो बिरयानी बांटी थीं। उनके अनुसार, रामपुर से कुछ लोग नाव लेकर भोजन बांटने आए थे, और गलती से उनकी मांसाहारी बिरयानी बाढ़ पीड़ितों को मिल गई। उन्होंने दावा किया कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी और इसका कोई धार्मिक मकसद नहीं था। हालांकि, ग्रामीणों ने उनके इस दावे को खारिज करते हुए इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताया।
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बाढ़ की स्थिति
Farrukhabad Janmashtami Controversy: फर्रुखाबाद में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। जिला प्रशासन और पुलिस सक्रिय रूप से राहत कार्यों में लगे हैं। जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने हाल ही में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर 1035 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की थी। हालांकि, इस घटना ने राहत कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
