गुजरात के पालनपुर-आबू रोड हाईवे पर खेमाणा टोल प्लाजा के सामने किसानों ने टोल-मुक्ति की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि 20 किलोमीटर की सीमा के भीतर इस टोल प्लाजा को टोल-मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक बोझ से राहत मिल सके। इस मांग को लेकर वहां किसानों ने रैली निकाली और प्रर्दशन करते हुए आवाज बुलंद की।
टोल-मुक्ति की मांग और किसानों का दर्द
किसानों की मुख्य मांग है कि फसल परिवहन के दौरान बार-बार टोल देना उनके लिए भारी पड़ता है। खासकर जब उनकी फसलें और सामान 20 किलोमीटर की दूरी के भीतर ही आ जाते हैं, तब भी उन्हें टोल देने को मजबूर होना पड़ता है। इससे उनकी आय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है जिससे वे अपनी कृषि गतिविधियों को सही ढंग से संचालित नहीं कर पा रहे हैं।
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रैली और प्रदर्शन का आयोजन
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बैनर लेकर खेमाणा टोल प्लाजा के पास जमकर आवाजें उठाईं। उन्होंने आर्थिक और सामाजिक कारणों के हवाले से इस टोल की माफी की मांग की। किसानों की इस रैली में बड़ी संख्या में शामिल होकर स्थानीय ग्रामीण भी उनके समर्थन में खड़े हुए। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस की भारी मौजूदगी देखी गई जिससे स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
Farmers toll exemption protest : पुलिस सुरक्षा और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है, ताकि शांति भंग न हो और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। अभी तक प्रशासन की तरफ से किसानों की मांग पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है।
Farmers toll exemption protest : किसानों की इच्छाएं और भविष्य की रणनीति
किसान संगठन इस मुद्दे पर मजबूती से आवाज उठाने की रणनीति बना रहे हैं। यदि उनकी मांगों को जल्द न माना गया तो वे और भी बड़े आंदोलनों और प्रभावी प्रदर्शन की तैयारी में हैं।
