‘शिकायत की पर नहीं हुई सुनवाई’
किसानों का कहना है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव से कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोके दुबे, छोटू त्रिपाठी, रविकांत और वैभव सहित कई किसानों ने मिलकर लगभग 28 गोवंशों को पकड़ा और इसके बाद वाहनों से उन्हें सिखरना गोशाला में पहुंचा दिया। किसानों ने बताया कि आवारा गोवंशों के कारण उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो रही थी।

Farmers Initiative Stray Cattle: किसानों ने खुद निकाला हल
किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई समाधान न मिलने पर उन्होंने अपनी समस्या का हल खुद निकालने का फैसला लिया। गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए लोडर का खर्च निकालने के लिए ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा किया। ठंड में गायों को सहारा भी मिल जाएगा और उनकी फसलों की सुरक्षा भी हो जाएगी। इस मामले में BDO आदित्य तिवारी ने बताया कि किसान आवारा मवेशियों को गोशाला में संरक्षित करवा सकते हैं। ग्राम प्रधान और सचिव के स्तर से गोवंशों को संरक्षित न करवाए जाने के मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
