किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत गंभीर
शंभू बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के दौरान एक किसान ने जहरीली दवा खाकर आत्महत्या कर ली। किसानों के अनुसार किसान ने गुरुवार सुबह लंगर स्थल के पास सल्फा लिया था। जैसे ही उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्हें तुरंत मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई।
किसान रेशम सिंह तरनतारन जिले के पहुविंड के रहने वाले थे। किसान नेता तेजबीर सिंह ने कहा कि रेशम शंभू-खनौरी सीमा पर 11 महीने के आंदोलन के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने को लेकर वह सरकार से नाराज हैं।

इससे पहले 14 दिसंबर को किसान रणजोध सिंह ने जहरीली दवा खाकर आत्महत्या कर ली थी। वह इस बात से नाराज था कि उसे उस दिन दिल्ली नहीं जाने दिया गया। करीब चार दिन बाद पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
खनौरी बॉर्डर पर किसान जला
खनौरी बॉर्डर पर आज गीजर फटने से एक किसान झुलस गया। उन्हें पटियाला के समाना के सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। उसके हाथ-पैर जल गए हैं।
दल्लेवाल को बोलने में परेशानी
खनौरी बॉर्डर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत गंभीर है। आज उनके अनशन का 45वां दिन है। दल्लेवाल का बीपी लगातार घट रहा है। ऐसे में वे अब किसी से नहीं मिलेंगे।
बुधवार को दल्लेवाल के मेडिकल बुलेटिन के बारे में बताते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उनका रक्तचाप काफी गिर गया है। रक्तचाप को थोड़ा स्थिर करने के लिए उसके पैरों को ऊंचा रखना पड़ता है। उसे बोलने में भी दिक्कत हो रही है। बुधवार को वह पूरे दिन अपनी ट्रॉली में ही रहे।
