
झूला संचालक की लापरवाही
हादसे को लेकर FIR दर्ज कराई गई। जिसमें लिखा कि इस हादसे के दौरान झूला चलाने वाले ने लापरवाही बरती। झूला चलाने वाले का नाम सरबजीत सिंह है उसने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। सरबजीत हिमाचल का रहने वाला है। हादसा सरबजीत और उसके स्टाफ की लापरवाही के कारण हुआ। उनकी लापरवाही के कारण लोगों की जान को खतरे में आई और इसी वजह से निरीक्षक जगदीश प्रसाद की जान चली गई।
Faridabad Fair Accident: निरीक्षक की मौत
मेला शुरू हुआ तो निरीक्षक जगदीश प्रसाद वहां पहुंचे और जब झूला गिरा तो निरीक्षक मौके पर पहुंचे तभी अचानक वह झूला साइड से निरीक्षक जगदीश प्रसाद के ऊपर आ गिरा। जिससे उनकी मौत हो गई। जबकी 12 लोग घायल है। घायलों का निजी और बादशाह खान सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद मेला ग्राउंड को खाली करा दिया गया है।

पुलिसकर्मी को शहीद का दर्जा
मृतक इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के शव का पोस्टमॉर्टम बीके अस्पताल में कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया। उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा। DGP अजय सिंघल ने इसकी घोषणा की। साथ ही उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।
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जांच कमेटी का ऐलान
Faridabad Fair Accident: सरकार की ओर से ADC की अध्यक्षता वाली कमेटी इस पूरे मामले की जांच करेगी। हादसे की सूचना मिलते ही देर रात ही पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मेला ग्राउंड पहुंचे। निरीक्षण के बाद उन्होंने इसकी घोषणा की । वहीं, फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने भी मामले की जांच को लेकर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया।
