Harish Rana funeral: दिल्ली के ग्रीन पार्क में हरीश राणा को अंतिम विदाई दी गई। सुबह करीब 9 बजे हरीश राणा का अंतिम संस्कार हुआ। उनके छोटे भाई आशीष ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और हरीश को श्रद्धांजलि अर्पित की। पिता अशोक राणा ने बेटे हरीश को आखिरी बार प्रणाम किया। पिता ने रोते हुए लोगों से हाथ जोड़कर कहा- कोई रोना मत। बेटा शांति से जाए, इसलिए प्रार्थना कर रहा हूं। बेटा अब जहां जन्म ले, उसे आशीर्वाद मिले।

पीड़ा से मुक्ति
हरीश राणा भारत में इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति थे। वह पिछले 13 साल से कोमा में थे और कल यानि 24 मार्च को उनका निधन हो गया। उनकी इच्छा के मुताबिक यह प्रक्रिया अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में पूरी की गई थी। डॉक्टर्स के अनुसार परिवार ने हरीश के फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किया है। इससे 6 लोगों को नया जीवन मिल सकता है।

चौथे फ्लोर से नीचे गिरे
बता दें कि हरीश 2013 में हॉस्टल के चौथे फ्लोर से नीचे गिर गए थे और कोमा में चले गए थे। इसके बाद से ही वह लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। हरीश पंजाब विश्वविद्यालय से बीटेक कर रहे थे। चौथे मंजिल से गिरने के बाद उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी और उनकी जिंदगी मशीनों के बीच सिमट कर रह गई। समय तो बीतता गया, लेकिन हरीश होश में नहीं आ पाए।
Harish Rana funeral: कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च 2026 को एक अहम फैसले में हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दी थी। परिवार वालों ने सालों तक इंतजार किया। साथ ही हर संभव इलाज कराया, लेकिन जब हरीश में कोई सुधार नहीं हुआ, तो उन्होंने यह कठिन रास्ता चुना।
