SDM ऑफिस के सामने अनशन पर बैठा परिवार
Family Rare Disease: रीवा जिले की त्योंथर तहसील के अंजोरा गांव में रहने वाला यादव परिवार गंभीर बामारी से जूझ रहा है.परिवार के लोगों का शरीर धीरे-धीरे कंकाल होता जा रहा है.पीड़ित परिवार मदद की आस लेकर एसडीएम दफ्तर के सामने अनशन पर बैठा हुआ है.और कह रहा है कि मदद करो या इच्छा मृत्यु दो सरकार
गंभीर बीमारी से जूझ रहा परिवार
पीड़ित परिवार के सभी सदस्यों को “मस्क्युलर डिस्ट्रोफी” नाम की एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण सभी का शरीर सूखकर मात्र ढांचा रह गया है. गंभीर बीमारी से ग्रसित पीड़ित परिवार के मनीष यादव का कहना है कि तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह की पहल पर उन्हें कुछ मदद मिली थी पर उनके सीएम पद से हटने के बाद परिवार अपने इलाज के लिए तरस गया है. अंत में उसने मजूबर होकर आमरण अनशन का रास्ता चुना है.
Family Rare Disease: शिवराज ने किया था वादा
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फोन पर बातचीत करते हुए उन्हें मदद पहुंचाने का वादा किया था. इसके बाद उन्हें दिल्ली की मेदांता हॉस्पिटल में इलाज भी मिला और जरूरी दवाईयां भी मिलीं. मगर बीमारी इतनी गंभीर है कि इसका इलाज केवल विदेश में ही संभव है.
जीतू पटवारी ने किया ट्वीट
शासन से दोबारा मदद की अपेक्षा लिए आमरण अनशन पर बैठे पीड़ित मनीष यादव से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फोन पर चर्चा की है. पटवारी ने भी पीड़ित को आश्वासन दिया है कि वे सरकार से हर संभव मदद दिलाने के साथ ही उनका बेहतर इलाज कराने का प्रयास करेंगे. जीतू पटवारी ने पीड़ित मनीष यादव के साथ हुई बातचीत का वीडियो भी X पर ट्वीट किया है. एसडीएम संजय जैन ने कहा,” पूर्व में भी पीड़ितों की मदद की गई थी और आगे भी हर संभव मदद दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है.”
1 साल पहले पिता की मौत
रीवा जिले के त्योंथर तहसील क्षेत्र स्थित अजोरा गांव में रहने वाले एक ही परिवार के 5 सदस्य इस गंभीर बीमारी से सूखते चले जा रहे हैं. इस बीमारी ने 24 वर्षीय मनीष यादव, 26 वर्षीय अनीष, 20 वर्षीय मनोज और 32 वर्षीय बेटी सुशीला यादव व उनके पिता को बीते कई वर्ष से घेरना शुरू कर दिया था, जिससे एक साल पहले उनके पिता की मौत भी हो गई. पीड़ित परिवार ने इस बीमारी का इलाज देश के बड़े-बड़े डॉक्टरों से कराया पर कोई भी इसका इलाज नहीं करा पाया और परिवार की आर्थिक स्थिति भी खराब होती चली गई. अब पीड़ित परिवार लगातार सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है.
क्या है मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी?
मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एक ऐसी दुर्लभ बीमारी है, जिसमें व्यक्ति का शरीर आश्चर्यजनक रूप से सिकुड़ने और कमजोर होने लगता है. इसमें शरीर बुरी तरह से टूट जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक यह एक जेनेटिक बीमारी है, जिसमें मसल्स की ग्राेथ सबसे पहले रुकती है. यह सबसे पहले कूल्हे के आसपास की मांसपेशियों और पैर की पिंडलियों को तोड़ देती है और फिर पूरा शरीर इससे कमजोर होने लगता है.
