fake currency racket Bhopal arrest :भोपाल की पिपलानी पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए यूपी के निवासी विवेक यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले कई महीनों से अपने घर पर नकली नोट छाप कर बाजार में चलाने का कारोबार कर रहा था। आरोपी विकास के घर की तलाशी में पुलिस को 500 रुपए के 428 नकली नोट मिले हैं।साथ ही 30 लाख से अधिक के नकली नोट छापने के लिए उपयोग होने वाले कच्चे माल भी जब्त किए गए हैं।
तकनीक और तैयारी
पुलिस के मुताबिक, विवेक यादव ने नोट छापने की पूरी प्रिंटिंग मशीनरी अपने घर पर इंस्टॉल कर रखी थी। विवेक 10वीं पास है, लेकिन उसने कई अंग्रेजी राइटर्स की किताबें पढ़कर और इंटरनेट पर वीडियो देखकर नकली नोट बनाने की तकनीक सीखी। आरोपी ने ऑनलाइन विशेष कागज और अन्य सामग्री भी मंगवाई और अपने घर पर नोट छापने का सेटअप तैयार किया था।
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अब तक 6 लाख के नकली नोट चलाए
एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी ने बताया कि आरोपी दुकानों पर जाने के बाद 20 से 50 रुपए के बीच का सामान खरीदता था। इसके लिए वह पांच सौ रुपए का नोट दिया करता था। दिन भर में वह तीन से चार अलग-अलग दुकानों पर इसी तरह से नोट चलाता था।
कई जिलों में में भी खपाए नोट
आरोपी नकली नोट खपाने विदिशा, सीहोर और रायसेन तक जा चुका है। वह चार से पांच हजार रुपए के नकली नोट लेकर घर से निकलता था। आधे नोट खपाने के बाद घर लौट आता था।और वह नोटों की छपाई से लेकर खपाने काम अकेले ही अंजाम देता था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस को मुखबिरों और दुकानदारों से सूचना मिली कि विवेक यादव नकली नोट चलाने की कोशिश कर रहा है। पुलिस ने पड़ताल के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अभी पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि आरोपी ने नकली नोट किन-किन इलाकों में खपाए और उसके इस अपराध में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस पूरी ताकत से गिरोह के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
इस तरह के नकली नोटों की बिक्री से अर्थव्यवस्था को नुकसान होता है और आम जनता के सामने भी आर्थिक खतरें बढ़ जाते हैं। नकली नोटों की रिहाई से व्यापार और बाजार प्रभावित होता है। पुलिस और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।
भोपाल पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले गिरोह को पकड़कर वित्तीय सुरक्षा को एक बड़ा झटका दिया है। विवेक यादव की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि अपराधी चाहे कितना भी तकनीकी हो जाएं, लेकिन पुलिस की सतर्कता और तेजी से कार्रवाई उन्हें सफलता नहीं मिलने देगी। पुलिस अन्य जुड़े आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।
