grounded thiruvananthapuram hydraulic fault: ब्रिटिश F‑35B क्यों रुका Kerala में, जानिए वजह!
grounded thiruvananthapuram hydraulic fault: तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पिछले 7 दिनों से एक ब्रिटिश रॉयल नेवी का F‑35B Stealth Fighter Jet खड़ा है, जिसने 14 जून 2025 को आपात कालीन लैंडिंग की थी।
1️⃣ आपात लैंडिंग का कारण
- विमान, HMS Prince of Wales एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरकर हिंद‑प्रशांत मिशन पर था, जब ईंधन काफी कम हो गया था एवं समुद्र की खराब स्थिति के चलते यह आधार पर वापस नहीं जा सका।
- भारतीय वायुसेना और एयरपोर्ट कंट्रोल ने तुरंत इमरजेंसी अनुमति दी और जेट सुरक्षित रूप से 9:30 pm पर लैंड हुआ
2️⃣ टेक्निकल ग्लिच – हाइड्रोलिक फेलियर
- शुरुआती जांच में हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी सामने आई जो पिछले दिनों लगातार जटिलता बढ़ा रही थी।
- इस ग्लिच के चलते लैंडिंग गियर पुनः सक्रिय नहीं हो पाया, जिससे आसपास के कई प्रयास विफल रहे ।
3️⃣ रखरखाव और सुरक्षा इंतज़ाम
- HMS Prince of Wales से मेज़ेनिशियंस और पायलट हीलिकॉप्टर द्वारा भेजे गए, लेकिन कई जांचें और रबरहटके नतीजे हुए ।
- वर्तमान में CISF की बहुस्तरीय सुरक्षा के तहत यह विमान Bay‑4 में सुरक्षित रखा गया है
4️⃣ भारतीय लॉजिस्टिक सहयोग
- भारतीय विमान एवं एयरपोर्ट प्राधिकरण ने खाना, आवास, तकनीकी सहायता सहित स्थानीय सुविधाएँ मुहैया कराईं।
- IAF ने आपातकालीन अपज़ेशन और शांति सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे घटना कोई बड़ी घटना बनकर नहीं उभरी ।
5️⃣ स्थगित उड़ान या ट्रांसपोर्ट?
- अगर स्थानीय मरम्मत सफल हो जाती है, तो विमान अपने बेस पर खुद उड़कर लौटेगा। लेकिन अगर नहीं, तो इसे मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से वापस ले जाया जाएगा ।
6️⃣ तकनीकी किंतु संवेदनशील सवाल
- क्या F‑35 जैसे अति-सुधारित लड़ाकू विमान की ग्लोबल ऑपरेशन क्षमता पर संदेह उठता है?
- भारत ने इस जेट को एंटी-स्टील्थ तकनीक से पहचानने की क्षमता ‘Project Kusha’ के अंतर्गत प्रदर्शित की—यह गुप्त क्षमता अब विदेश शक्तियों को भी संकेत देती है ।
7️⃣ मीडिया प्रतिक्रिया
- विमान की लैंडिंग देखकर स्थानीय जनता और मीडिया में आश्चर्य, कौतूहल पैदा हुआ।
- कई लोग तसवीरों के साथ सोशल मीडिया पर इसे प्रदर्शन का दृश्य मान रहे हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से आम रूप में कदम बढ़ाना मुश्किल है।
✅ टेक्निकल फॉल्ट ही वजह
फ़िलहाल यह स्पष्ट है कि यह कोई विदेशी या राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि एक तकनीकी समस्या है। हाइड्रोलिक सिस्टम में त्रुटि ने उड़ान को बाधित किया, न की कोई मुकाबला स्थिति—जो स्वयं में सीखने योग्य विषय है।
टेक्नोलॉजिकल जांच और लोकल सहयोग ने यह दिखाया है कि भारत ऐसे उन्नत एयरक्राफ्ट के लिए भी तैयार है—और भविष्य में ऐसे ऑपरेशन में बेहतरी की उम्मीद रख सकता है।
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