तकनीक की ऊंची उड़ान और अचानक आई सच्चाई

आप चाहे दुनिया की सबसे एडवांस फाइटर टेक्नोलॉजी पर भरोसा कर लें, लेकिन एक छोटा सा स्क्रू भी कभी कभी उस पूरी शान को रनवे पर घुटनों के बल ला सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ जापान में, जब ब्रिटिश स्टील्थ फाइटर जेट F 35B को तकनीकी खराबी के चलते कागोशिमा एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। दिन था रविवार, वक्त सुबह 11:30 बजे — और एक ऐसा विमान जो अदृश्य होने की ताकत रखता है, खुद को रोक नहीं पाया।
तकनीकी गड़बड़ी और 20 मिनट की हलचल
हवाई अड्डे के अधिकारियों के मुताबिक, लैंडिंग के बाद रनवे को करीब 20 मिनट तक बंद करना पड़ा, जिससे कई कमर्शियल उड़ानें प्रभावित हुईं। शुक्र है कि कोई घायल नहीं हुआ
🇬🇧🛬British F-35 makes emergency landing… AGAIN
Just weeks after one F-35 was stranded in India, another was forced into an emergency landing at Japan’s Kagoshima Airport.
🤡 Collecting emergency landings like souvenirs https://t.co/e8u12zed3K pic.twitter.com/1XB2LrYLSB
— Sputnik India (@Sputnik_India) August 10, 2025
F 35B, जिसे ‘लाइटनिंग’ कहा जाता है, आज की तारीख में दुनिया के सबसे महंगे और एडवांस्ड फाइटर जेट्स में से एक है। फिर भी, महज़ एक तकनीकी खराबी उसे आम नागरिक उड़ानों की कतार में लाकर खड़ा कर देती है।
भारत में भी हुई थी इमरजेंसी लैंडिंग 38 दिन वहीं खड़ा रहा
ये पिछले दो महीने में दूसरी बार है जब ब्रिटिश F 35B को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। पहली बार, 14 जून को भारत के केरल में, जब हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हो गया था, और विमान को तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर लैंड कराना पड़ा था।
उस वक्त इस विमान को मरम्मत में पूरे 38 दिन लगे, और 22 जुलाई को वह वहां से रवाना हो सका। ब्रिटिश हाई कमीशन ने उस समय भारतीय एयरफोर्स और इंजीनियरिंग टीम की भूमिका की सराहना की थी। यही दिखाता है कि वॉर मशीनरी भले विदेशी हो, उसे इंसान की मेहनत और सहयोग की ज़रूरत हमेशा पड़ती है।
F 35B: ताकतवर लेकिन संवेदनशील
F 35B एक ऐसा फाइटर जेट है जिसे खास तौर पर शॉर्ट टेकऑफ और वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसका मतलब है — ये विमान कम जगह में भी उड़ सकता है और सीधा नीचे उतर सकता है, जैसे हेलिकॉप्टर। इसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने डेवलप किया है। अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश इसका इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन क्या ये सब इसे अजेय बनाता है? शायद नहीं। इमरजेंसी लैंडिंग की ये घटनाएं बताती हैं कि हर तकनीक की भी एक थकावट होती है, एक इंसानी ज़रूरत होती है — जांच, देखरेख, और कभी कभी मरम्मत की भी।
जापान, अमेरिका और ब्रिटेन का साझा युद्ध अभ्यास
इस समय जापान में ब्रिटिश स्ट्राइक ग्रुप HMS प्रिंस ऑफ वेल्स अमेरिकी और जापानी फोर्सेज़ के साथ 4 अगस्त से सैन्य अभ्यास कर रहा है, जो 12 अगस्त तक चलेगा। इस मिशन के तहत कई जंगी जहाज, सबमरीन और फाइटर जेट्स एक साथ ऑपरेट कर रहे हैं। और इस जेट की लैंडिंग उस अभ्यास के दौरान हुई।
जैसे ही ये जेट लैंड किया गया, ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स के इंजीनियर्स ने इसे जांच के घेरे में लिया। उम्मीद है कि मरम्मत के बाद ये जल्द दोबारा अपने ग्रुप का हिस्सा बन जाएगा।
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