गिनती वही, पर अब नियम बदल गए हैं। चुनाव आयोग बिहार से शुरुआत करेगा
क्या बदला है वोटों की गिनती में?
अब तक होता ये था कि EVM से वोटों की गिनती जल्दी हो जाती थी और पोस्टल बैलट यानी डाक मतों की गिनती में देर। इसका सीधा असर चुनाव नतीजों की घोषणा पर पड़ता था। लेकिन अब…

EVM की आखिरी राउंड की गिनती रोकी जाएगी, जब तक पोस्टल बैलट की गिनती पूरी न हो जाए। अगर पोस्टल बैलट ज्यादा हैं, तो अतिरिक्त काउंटिंग टेबल लगाई जाएंगी। यह नया नियम बिहार से लागू होगा, फिर धीरे-धीरे पूरे देश में अपनाया जाएगा।
आसान भाषा में समझिए – एक बूथ का उदाहरण
मान लीजिए किसी विधानसभा क्षेत्र में कुल 10,000 EVM वोट हैं और 1,000 पोस्टल बैलट। EVM की गिनती 5 राउंड में होती है। पोस्टल बैलट गिनती चल रही है लेकिन अभी पूरी नहीं हुई है। तो चौथे राउंड तक EVM गिनती हो सकती है, लेकिन 5वां और आखिरी राउंड तब तक नहीं गिना जाएगा जब तक सभी बैलट वोट काउंट न हो जाएं।
EVM की गिनती रोकने का कारण क्या है?
चुनाव आयोग का कहना है
यह बदलाव पारदर्शिता बढ़ाने, प्रक्रिया में समानता और सभी वोटों को एक समान महत्व देने के लिए है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि बैलट वोट, खासकर पोस्टल बैलट, पूरी तरह और सही समय पर गिने जाएं।
इससे उन सीटों पर खास फर्क पड़ेगा जहां वोटों का अंतर कम होता है और बैलट वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं – जैसे कि सैन्यकर्मी, सरकारी कर्मचारी या कोविड जैसी विशेष परिस्थितियों में वोट देने वाले नागरिकों के वोट।
e-वेरिफिकेशन भी हुआ अनिवार्य
चुनाव आयोग ने एक और बड़ा बदलाव किया है – अब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने के लिए e-वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा।
- अब आप किसी और के नाम या मोबाइल से फॉर्म नहीं भर पाएंगे।
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP आएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि आवेदन करने वाला वही व्यक्ति है।
- ये सुविधा 23 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू कर दी गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: राहुल गांधी का हमला
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के इस कदम पर तंज कसते हुए कहा
ज्ञानेश जी (मुख्य चुनाव आयुक्त), हमने चोरी पकड़ी तब आपको ताला लगाना याद आया। अब चोरों को भी पकड़ेंगे। तो बताइए, CID को सबूत कब दे रहे हैं आप?
राहुल गांधी पहले भी कर्नाटक की आलंद सीट से 6000 वोट डिलीट करने का आरोप लगा चुके हैं। अब वे इस बदलाव को पिछली गड़बड़ियों की स्वीकारोक्ति मान रहे हैं।
