Emperor Vikramaditya: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत रवींद्र भवन, भोपाल में आयोजित ‘कोटि सूर्योपासना’ एवं ‘सम्राट विक्रमादित्य केंद्रित नाट्य मंचन’ कार्यक्रम में सहभागिता कर कलाकारों को सम्मानित किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष, विक्रम संवत् 2083 के आरंभ एवं गुड़ी पड़वा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि है उज्जैन ने सदियों से धर्म, ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति की ज्योति प्रज्ज्वलित की है।उज्जैन में विक्रमोत्सव का सांस्कृतिक महापर्व चल रहा है। महान सम्राट विक्रमादित्य ने ऐसी परंपरा स्थापित की जो आज भी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। विक्रमोत्सव की ख्याति तेजी से बढ़ रही है। उज्जैनी काल गणना का केंद्र रही है। हमारे सभी त्योहार मंगल तिथियों पर आते हैं जो विक्रम संवत पर आधारित हैं।
Emperor Vikramaditya: नव वर्ष विक्रम संवत” पुस्तिका का वितरण किया
इसी क्रम में सृष्टि आरंभ दिवस, वर्ष प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083 के अवसर पर 19 मार्च 2026 को संपूर्ण प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सुबह 10 बजे सूर्य उपासना कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन के शिखर पर ब्रह्मध्वज स्थापित किया जाएगा। जन -जन तक महान सम्राट विक्रमादित्य की शौर्य गाथा को पहुंचाने के लिए सभी जिलों में सम्राट विक्रमादित्य नाट्य की प्रस्तुति की जा रही है। इसके साथ ही आमजन को नववर्ष के महत्व से अवगत कराने के लिए “भारत का नव वर्ष विक्रम संवत” पुस्तिका का वितरण किया गया।
सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित किया
Emperor Vikramaditya: विक्रम उत्सव–2026 के अंतर्गत 19 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे सूर्य उपासना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर आधारित नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया। और संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल द्वारा इस नाट्य प्रस्तुति के लिए नाट्य कला दलों को प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में भेजा गया, जिन्होंने स्थानीय स्तर पर “सम्राट विक्रमादित्य” नाट्य का मंचन किया।
