हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में गरिमामय आयोजन
CM Dhami Democracy Fighters: उत्तराखंड के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम’ में भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में 10 लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया, जिनमें नरेन्द्र कुमार मित्तल और रणजीत सिंह जुयाल प्रमुख हैं।
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लोकतंत्र रक्षकों को किया नमन
बतादे की मुख्यमंत्री धामी ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा में योगदान देने वाले सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि इस काले अध्याय की याद हमें लोकतंत्र की महत्ता का एहसास कराती है। उन्होंने कहा कि 1975 में थोपी गई आपातकालीन स्थिति भारतीय लोकतंत्र पर गहरा आघात था, जहां संसद, मीडिया और न्यायपालिका सभी पर अंकुश लगाया गया।
आपातकाल: इतिहास का काला अध्याय
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने आपातकाल को एक परिवार की तानाशाही सोच का परिणाम बताया और कहा कि उस समय सत्ता के नशे में चूर सरकार ने लोकतंत्र की हर आवाज को कुचलने का प्रयास किया। मौलिक अधिकारों का हनन कर लाखों नागरिकों को आवाज उठाने से रोका गया। यह घटनाक्रम आज भी देश को लोकतंत्र की कीमत समझाने वाला उदाहरण है।
प्रधानमंत्री मोदी के योगदान का उल्लेख
सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर लोकतंत्र की रक्षा में भागीदारी निभाई। उन्होंने ‘संविधान हत्या दिवस’ की शुरुआत की जिससे आने वाली पीढ़ियाँ इस ऐतिहासिक सच्चाई से परिचित हो सकें। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह द्वारा विमोचित पुस्तक “द इमरजेंसी डायरीज” का उल्लेख करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
युवाओं को लोकतंत्र की शिक्षा देगा यह आयोजन
CM Dhami Democracy Fighters: मुखिया धामी ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को लोकतंत्र के महत्व और उनके अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में सहायक सिद्ध होंगे। यह कार्यक्रम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा और संविधान की रक्षा में हर नागरिक की भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।
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