ग्यारह हाथियों के दल से दहशत में ग्रामीण
Elephant News: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में ग्यारह हाथियों के दल ने अपनी दस्तक दे दी है. हाथी का दल स्टेट हाइवे को पार कर हाथी सलबा के कांदाबाड़ी में डेरा जमाए हुए हैं. हाथियों की एंट्री के बाद मेंको सलबा सड़क पर रास्ते पर लोगों के आने जाने पर रोक लगा दी गई है.
कांदाबाड़ी में जमाया डेरा
कोरिया में हाथियों का दल रिहायसी इलाकों में एंट्री कर रहा है. ग्रामीणों के मुताबिक कांदाबाड़ी में हाथी हफ्तेभर से अधिक रूके थे. कई बार तो हाथी महीने भर यहीं डेरा जमाए रहते हैं. अगर हाथियों का दल हाइवे के नजदीक आ गया, तो खतरा बढ़ जाएगा. क्योंकि हाथी स्टेट हाइवे से डेढ़ किमी ही दूर हैं.
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वन विभाग ने जारी किया अलर्ट
हाथियों की दस्तक के बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत दी है.वन अधिकारियों को कहना है कि ग्रामीण महुआ शराब न बनाएं. महुए की खुशबू से हाथी गांव में पहुंचकर कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सलबा जंगल हाइवे से लगा हुआ है, ऐसे में खतरा अधिक है. हाथियों के दल ने सलबा में तो कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन दुधनिया में उन्होंने खेतों में लगी फसल को जमकर नुकसान पहुंचाया.
Elephant News: हाथी से इलाके में दहशत
हाथी की गर्जना से पूरे इलाके में दहशत है. जिला मुख्यालय से लगे सलबा-सलका में हाथी दल की आमद के बाद के किसान दहशत में है, क्योंकि धान की फसल अब खेतों में तैयार हो रही है. अब हाथियों से धान की सुरक्षा करने में परेशानी हो रही है. बताया कि 5 साल पहले आए दल ने फेसिंग तार, चेतावनी बोर्ड को तोड़ दिया था. गांव में हाथी भगाने के लिए समिति में चार पदाधिकारी व 10 सदस्य हैं. वह 10 साल से हाथियों और ग्रामीणों का द्वंद रोकने का कार्य कर रहे हैं. सलबा मेंको सड़क पर देर शाम आने जाने पर रोक लगा दी गई है. हाथियों ने कांदाबाड़ी जंगल में डेरा डाल दिया है.
हाथियों का मूवमेंट ग्रामीणों को समझाइश
वन अफसरों का कहना है कि हाथी अपने रास्ते कोरबा जिले की ओर आगे बढ़ जाएंगे. एसडीओ ने बताया कि हफ्तेभर पहले ही हाथियों का दल मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ की सीमा बिहारपुर में दाखिल हुआ है. अभी कुछ किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है. किसानों और ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि वे हाथियों के आसपास न जाएं.
