election commission voter update 2025: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान शुरू किया जा रहा है।
यह प्रक्रिया बिहार में अपनाई गई पायलट व्यवस्था के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जा रही है। आयोग के अनुसार, यह पहल मतदाता सूची की पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।
क्या है SIR प्रक्रिया : election commission voter update 2025
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट का विशेष सत्यापन किया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि सूची में दोहराव, मृत मतदाताओं के नाम और गलत प्रविष्टियों को हटाया जा सके।
प्रत्येक BLO (Booth Level Officer) अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की पुष्टि करेगा। BLO को निर्देश दिए गए हैं कि वे कम से कम तीन बार घर पहुंचकर सत्यापन करें ताकि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा,
“वोटर लिस्ट की सटीकता लोकतंत्र की नींव है। आयोग चाहता है कि हर योग्य नागरिक का नाम सूची में दर्ज हो और किसी भी अनधिकृत प्रविष्टि को हटाया जा सके।”
किन राज्यों में होगी यह प्रक्रिया
SIR प्रक्रिया का पहला चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया जाएगा। इनमें बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, हरियाणा, दिल्ली, असम, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल बताए जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आज रात से ही इन राज्यों में मतदाता सूची फ्रीज हो जाएगी, यानी किसी भी संशोधन या नए पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से SIR के प्रारूप में होगी।
कैसे होगी जांच और अपडेट
BLOs को मतदाताओं के निवास पते, उम्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की भौतिक जांच करनी होगी। आयोग ने कहा कि यदि कोई मतदाता अनुपस्थित मिले या दस्तावेज अधूरे हों, तो BLO को तीन अलग-अलग अवसरों पर विज़िट करना अनिवार्य होगा।

यदि मतदाता बार-बार अनुपलब्ध रहता है, तो उसका नाम “श्रेणीगत समीक्षा” में रखा जाएगा और स्थानीय निर्वाचक रजिस्ट्री अधिकारी द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
तकनीकी अपडेट और पारदर्शिता उपाय
इस बार SIR में डिजिटल सत्यापन को भी शामिल किया गया है। चुनाव आयोग ने बताया कि NVSP (National Voters’ Service Portal) और Garuda ऐप के माध्यम से मतदाताओं को अपने विवरण ऑनलाइन सत्यापित करने की सुविधा दी जाएगी। आयोग ने कहा कि “ऑनलाइन सुविधा और जमीनी सत्यापन दोनों को मिलाकर डुप्लीकेट नाम हटाने, स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान और मृत व्यक्तियों के नामों को हटाने का काम पारदर्शी ढंग से किया जाएगा।”
राज्यों में प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था
प्रत्येक राज्य में जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) की देखरेख में BLOs का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो चुका है। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने राज्यवार सुपरवाइजरी टीम गठित की है, जो दैनिक रिपोर्ट तैयार करेगी और आयोग को भेजेगी। इस रिपोर्ट में सत्यापित मतदाताओं की संख्या, हटाए गए नाम और लंबित मामलों की जानकारी होगी।
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