IAS अभिषेक प्रकाश के नजदीकी निकांत जैन के ठिकानों पर छापेमारी
लखनऊ की ऊंची सोसायटियों में रहने वाले और कभी शहर के पावर सर्किल का हिस्सा माने जाने वाले निकांत जैन की सुबह आज कुछ अलग थी। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीमों ने लखनऊ, मेरठ और नोएडा में उसके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कोई वक्त था जब निकांत खुद को एक पावर ब्रोकर से कम नहीं समझते थे लेकिन आज जब दरवाज़ा खुला, तो सामने ईडी की टीम थी।

चार करोड़ का लोन, लेकिन सच कहीं और था
निकांत जैन, उसके भाई सुकांत जैन और भाभी वैशाली जैन पर इंडियन बैंक से 4 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप है। बैंक ने हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई, और यहीं से यह मामला बड़ा बनता गया। जो लोन व्यापार के लिए लिया गया था, वह कागजों में ही रहा और रकम जाने कहां चली गई।
ये वो दौर था जब बैंक, इन्वेस्टर, ब्यूरोक्रेसी हर जगह निकांत के संपर्क थे। लेकिन अब वही संपर्क एक-एक कर टूट रहे हैं।
IAS अधिकारी का नाम भी घसीटा गया
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि निकांत जैन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने लखनऊ के तत्कालीन जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश, जो अब निलंबित हैं, के नाम का इस्तेमाल कर निवेशकों से पैसे लिए। STF ने मार्च में ही उन्हें गिरफ्तार किया था। चार्जशीट कहती है कि निकांत खुद को ‘डीएम का दाहिना हाथ’ बताकर लोगों से काम कराने के नाम पर मोटी रकम ऐंठता था।
जेल से बाहर आने की कोशिश नाकाम
हालांकि कोर्ट से एक केस में उसे ज़मानत मिल चुकी थी, लेकिन दूसरा केस फौरन दर्ज कर लिया गया, जिससे जेल के दरवाजे अब तक उसके लिए नहीं खुले। अब जब ईडी मैदान में आ चुकी है, तो मामला और गहराता जा रहा है।
ईडी की रेड का दायरा और बढ़ेगा?
ईडी की छापेमारी केवल बैंक धोखाधड़ी पर नहीं रुकेगी। जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि पैसे कहां लगाए गए? क्या रियल एस्टेट में कोई बड़ा निवेश किया गया? या फिर राजनीतिक और अफसरशाही से मिलीभगत से कोई और घोटाला पनप रहा था? संभावना जताई जा रही है कि कुछ और प्रभावशाली नाम इस जांच के दौरान सामने आ सकते हैं।
जनता का सवाल: कब होगी असली सफाई?
निकांत जैन जैसे नाम उस सिस्टम की तस्वीर दिखाते हैं जहां एक मजबूत कनेक्शन सालों तक आपको छूने नहीं देता लेकिन जब हाथ लगता है, तो कहानियां बदल जाती हैं। ये महज़ एक रेड नहीं है, बल्कि एक संकेत है कि आज नहीं तो कल, सच सामने आ ही जाता है।
Read More:- Korba में गजराज की चिहाड़: 46 हाथियों का झुंड हाईवे पार करता दिखा, 85 गांवों में बजा सायरन अलर्ट
Watch Now :-मराठी भाषा पर भिड़ीं महिलाएं! लोकल ट्रेन में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
