करोड़ों रुपये का फंड जुटाकर भारत में आतंकी वारदातों को करेंगे फंडिग
केरल में पीएफआई के तीन लाख समर्थक हैं और उसके 25,000 से अधिक सदस्य हैं। NIA ने 22 सितंबर 2022 को पीएफआई के कई समर्थकों को हिरासत में लिया। भारत में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के खिलाफ दो साल तक चली ईडी की जांच में नए खुलासे सामने आए हैं।
ईडी ने शुक्रवार को कहा कि पीएफआई के सिंगापुर और खाड़ी देशों में 13,000 से अधिक सक्रिय सदस्य हैं, जिन पर करोड़ों रुपये का धन जुटाने की जिम्मेदारी है। पीएफआई ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी मुस्लिम समुदाय के लिए जिला कार्यकारी समितियों का गठन किया है। इन समितियों को धन जुटाने का काम सौंपा गया था।
ईडी ने कहा कि विदेशों से इकट्ठा किए गए करोड़ों रुपये के फंड को अलग-अलग बैंकिंग चैनलों के साथ-साथ हवाला के जरिए भारत भेजा गया, ताकि इन पैसों का पता नहीं लगाया जा सके। इस फंड का इस्तेमाल पीएफआई के अधिकारियों और भारत में बैठे आतंकियों को आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
सितंबर 2022 में, एनआईए और ईडी ने देश भर में पीएफआई के ठिकानों पर छापा मारा। जिसमें पीएफआई से जुड़े कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की गई। छापेमारी के बाद केंद्र सरकार ने 28 सितंबर 2022 को पीएफआई संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया। ईडी तब से पीएफआई के खिलाफ जांच कर रही है।
ईडी की जांच में 4 खुलासे
- जांच में पता चला है कि पीएफआई के उद्देश्य उसके संविधान में उल्लिखित उद्देश्यों से अलग हैं। पीएफआई खुद को एक सामाजिक आंदोलन के तौर पर पेश करता है, लेकिन जांच में सामने आया है कि पीएफआई का असल मकसद भारत में जिहाद के जरिए इस्लामिक आंदोलन खड़ा करना है।
- पीएफआई का दावा है कि वह अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीकों का इस्तेमाल करेगा, लेकिन जांच से पता चला है कि शारीरिक शिक्षा कक्षाओं की आड़ में, पीएफआई घूंसे, लात, चाकू से हमला और लाठी हमले जैसे हिंसक तरीकों का अभ्यास कर रहा था।
- देश में मौजूद पीएफआई का कोई भी स्थान पीएफआई के नाम पर पंजीकृत नहीं है। शारीरिक शिक्षा कक्षाओं के लिए जगह भी डमी मालिकों के नाम पर पंजीकृत थी।
2 दिन में हुई 278 गिरफ्तारियां
एनआईए, ईडी और राज्य पुलिस ने 22 और 27 सितंबर को पीएफआई और उससे जुड़े संगठनों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापे मारे थे। दो दिनों में कुल 278 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों को पीएफआई के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
