Eating Cabbage Can Cause Death: आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हर कोई जल्दी में रहता है। कई बार तो जल्द बाजी में सब्जियों को अच्छे से धोते भी नहीं और पका देते है, कई बार अधपकी सब्जी भी जल्द बाजी के चक्कर में खा लेते है, क्या आपने कभी सोचा है कि यह आपके स्वास्थ पर क्या असर डालेगा। दरअसल कुछ दिन पहले अमरोहा से एक खबर आई थी कि एक छात्रा की मौच पत्तागोभी में मौजूद किड़े से हो गई। आइए जानते है पूरा मामला साथ ही कैसे हो जाती है बीमारियां…
Eating Cabbage Can Cause Death: क्या है यह मामला?
कुछ दिनों पहले यह खबर आई थी कि, अमरोहा की 19 वर्षीय छात्रा इल्मा नदीम का दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था, लेकिन कई कोशिशो के बाद भी उसे नहीं बचा सके और उसकी मौत हो गई। जब उसका सीटी स्कैन और MRI कराया गया, डॉक्टरों ने बताया उस छात्रा के दिमाग में 20 से 25 गांठें हो गई है, जो किसी परजीवी संक्रमण की वजह से हो सकती है।
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Eating Cabbage Can Cause Death: परजीवी संक्रमण की वजह से हुई मौत
बताया गया कि पत्तागोभी और फास्ट फूड में मौजूद परजीवी संक्रमण की वजह से उसकी मौत हुई। उसकी ब्रेन सर्जरी भी की गई लेकिन फिर भी डॉक्टर उस लड़की की जान नहीं बचा पाएं।
डॉक्टरों के अनुसार, गंदी सब्जियों या अधपके भोजन से टेपवर्म के अंडे शरीर में पहुंच जाते है फिर वो धीरे – धीरे दिमाग में पहुंच जाते है, जिसकी वजह से ‘न्यूरोसिस्टीसरकोसिस’ जैसी बीमारी हो सकती है। बताया जाता है कि पत्ता गोभी का कीड़ा दिमाग में घुस कर इंसान की हालत खराब कर सकता है। इससे मौत हो सकती है। इसका जीता जागता उदाहरण है – इल्मा नदीम
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न्यूरोलॉजिस्ट प्रियंका शेरावत ने दीमाग के कीड़े के बारें में बताया
डॉक्टर प्रियंका ने बताया कि – ‘दिमाग का कीड़ा’ को मेडिकल भाषा में न्यूरोसिस्टीसरकोसिस कहते हैं। यह बीमारी टीनिया सोलियम (Taenia Solium) नाम के टेपवर्म के अंडों की वजह से होती है। इसका मतलब यह नहीं है कि कोई कीड़ा दिमाग में चलता-फिरता रहता है। दरअसल, इस कीड़े के अंडे मिट्टी में, गंदी सब्जियों में और अधपके मांस में मौजूद हो सकते हैं।’
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क्या होता है दिमाग के कीड़े का मतलब?
डॉक्टर के अनुसार, जब कोई व्यक्ति गंदी सब्जियां या कच्चा या अधपका मांस खाता है तो इनमें मौजूद किड़े के अंडे पेट में चले जाते हैं, हमारा पाचन तंत्र इन अंडो को नष्ट नहीं कर पाता ऐसे में अंडे खून के साथ मिलकर पूरे बॉडी में फैल जाते है। जैसे ही ये अंडे दिमाग में पहुंचते हैं तो बॉडी की इम्यून सिस्टम इनके खिलाफ रिएक्ट करती है, जिससे दिमाग में सूजन आ जाती है।
दिमाग में सूजन की वजह से मरीज को तेज सिरदर्द , उल्टी , चक्कर आते है। इतना ही नहीं दौरा भी पड़ सकता है। इसकी चपेट में बड़े और बुजुर्ग दोनों आ सकते हैं। हालांकि बहुत कम मामले में सर्जरी करनी पड़ती है, बाकी तो दवाईयों से ही ठीक हो जाते हैं।
दिमाग के कीड़े से बचने के उपाय
डॉ. प्रियंका बताती हैं कि- इससे बचने के लिए सब्जियों को अच्छी तरह से साफ करें। कच्चे या अधपके खाना खाने से बचें। अगर आप नॉन वेजिटेरियन है और मांस खाते हैं तो अच्छे से पकाकर ही खाएं। अच्छे से धोकर ही पकाएं।
धोने के बाद सब्जी हो या मांस पहले सूखने दे फिर पकाएं, पकाने से कीड़े मर जाते हैं, इससे फिर किसी तरह का खतरा नहीं रहता।
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