घरों से बाहर निकले लोग, नेपाल का लिस्टकोट था केंद्र
बिहार में शुक्रवार तड़के 2:37 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। पटना, सुपौल, किशनगंज, पूर्णिया, अररिया और कटिहार में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए।
भूकंप के झटके करीब 5-10 सेकेंड तक महसूस किए गए। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ लोग बर्तन और शंख बजाने लगे। भूकंप का केंद्र नेपाल में लिस्टिकॉट था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.1 थी।
भूकंप से नेपाल के साथ-साथ भारत और चीन भी प्रभावित हुए थे। विभाग ने चेतावनी दी है कि केंद्र में उच्च तीव्रता के कारण और अधिक छोटे भूकंप आ सकते हैं। राहत की बात यह है कि बिहार में कहीं भी जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है।
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17 फरवरी को दिल्ली समेत बिहार के कई जिलों में भूकंप
भूकंप क्यों आते हैं? हमारी पृथ्वी की सतह मुख्य रूप से 7 बड़ी और बहुत छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी है। ये प्लेटें लगातार तैरती रहती हैं और कभी-कभी आपस में टकरा जाती हैं। कई बार टक्कर के कारण प्लेटों के कोने मुड़ जाते हैं और अत्यधिक दबाव के कारण ये प्लेटें टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से आने वाली ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ लेती है और इसी गड़बड़ी के बाद आता है भूकंप।
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भारत के किन क्षेत्रों में भूकंप की संख्या सबसे अधिक है?
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के अनुसार, भारत को 5 भूकंपीय क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। इसमें जोन-2 से लेकर जोन-5 तक के भूकंप प्रभावित इलाके शामिल हैं। जोन-1 इलाकों में शायद ही भूकंप के झटके महसूस किए गए हों। वहीं, देश के भूकंप की आशंका वाले इलाकों में से 59% खतरे में हैं। इसमें जोन 3, 4 और 5 के क्षेत्र शामिल हैं।
