Dwarka’s Ferocious Sea: देवभूमि द्वारका के समुद्र तट पर मंगलवार को प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। अरब सागर में तेज बहाव के कारण गोमती नदी में 15 से 20 फीट ऊंची लहरें उठीं, जिसने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। गोमती घाट पर इन विशाल लहरों को देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मौसम विभाग द्वारा तूफान की चेतावनी जारी किए जाने के बाद द्वारका और गोमती घाट के समुद्र में भारी धाराएं देखी गईं। सुरक्षा के लिए नगर निगम ने अग्निशमन कर्मियों और सुरक्षा गार्डों को तैनात किया ताकि इस दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
अरब सागर में लहरों का रौद्र रूप
रिपोर्टर घनश्यामसिंह वाढेर के अनुसार, द्वारका के समुद्र में मंगलवार सुबह से ही असामान्य हलचल देखी गई। अरब सागर में तेज हवाओं और बहाव के कारण गोमती नदी में लहरें सामान्य से कहीं अधिक ऊंची थीं। इन लहरों की ऊंचाई 15 से 20 फीट तक मापी गई, जो देखने में भयावह और आकर्षक दोनों थीं। गोमती घाट, जो पहले से ही पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है, इस प्राकृतिक नजारे को देखने के लिए और भी आकर्षण का केंद्र बन गया। देश-विदेश से आए पर्यटक इन ऊंची लहरों को देखने और तस्वीरें खींचने के लिए घाट पर जमा हो गए।
Dwarka’s Ferocious Sea: तट पर सुरक्षा गार्ड तैनात
मौसम विभाग ने पहले ही तूफान की संभावना जताई थी, जिसके कारण समुद्र में यह उथल-पुथल देखी गई। तूफान के पूर्वानुमान को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी थी। गोमती घाट पर बढ़ती भीड़ और ऊंची लहरों के खतरे को देखते हुए नगर निगम ने तुरंत कदम उठाए। अग्निशमन कर्मियों और सुरक्षा गार्डों की एक टीम को घाट पर तैनात किया गया ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इन कर्मियों ने लोगों को समुद्र के बहुत करीब जाने से रोका और उन्हें सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
प्रकृति का अनोखा नजारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि गोमती नदी और द्वारका का समुद्र तट पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है, लेकिन इस तरह की ऊंची लहरें बहुत कम देखने को मिलती हैं। कुछ पर्यटकों ने इसे प्रकृति का अनोखा नजारा बताया, जबकि कुछ ने समुद्र के इस रौद्र रूप को देखकर डर भी महसूस किया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तट पर सावधानी बरतें और लहरों के करीब जाने से बचें।
Dwarka’s Ferocious Sea: दिशा-निर्देशों का करें पालन
यह घटना एक बार फिर प्रकृति की ताकत और अप्रत्याशितता को दर्शाती है। द्वारका, जो अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है, इस बार समुद्र की उग्रता के कारण सुर्खियों में है। प्रशासन और स्थानीय लोग इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि तूफान या अन्य प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए तैयार रहा जा सके। पर्यटकों से भी अनुरोध है कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
घनश्यामसिंह वाढे की रिपोर्ट
