राष्ट्रपति से मिला ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटी’ सम्मान
Dungarpur Super Swachh League City 2024: राजस्थान का आदिवासी बहुल जिला डूंगरपुर स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर देशभर में मिसाल बनकर उभरा है… भारत सरकार के आवासन एंव शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में डूंगरपुर को 50 हजार जनसंख्या श्रेणी में ‘सुपर स्वच्छ लीग सिटी’ घोषित किया गया। यह सम्मान देशभर के केवल 15 शहरों को प्राप्त हुआ, जिनमें से राजस्थान से डूंगरपुर अकेला शहर रहा। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रदान किया गया, जिसे राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने ग्रहण किया।
2018 से शुरू हुआ सफाई का सफर
डूंगरपुर की यह स्वच्छता यात्रा वर्ष 2018 में शुरू हुई थी, जब पहली बार नगर परिषद ने राष्ट्रीय सर्वेक्षण में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2016 में शुरू किए गए इस अभियान में डूंगरपुर ने भी भागीदारी निभाई। उस समय के नगर परिषद सभापति के.के. गुप्ता के नेतृत्व में शहर को साफ-सुथरा बनाने की मुहिम शुरू हुई। कई बाधाओं के बावजूद नगर परिषद और शहरवासियों ने हार नहीं मानी। परिणामस्वरूप, डूंगरपुर ने 2019 और 2020 में राजस्थान में पहला स्थान प्राप्त किया और 2021 में राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडियाज क्लीनेस्ट सिटी अवार्ड’ और ‘3 स्टार सिटी’ पुरस्कार हासिल किया।
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रातभर मेहनत करते हैं सफाईकर्मी
डूंगरपुर की सफलता के पीछे नगर परिषद की संगठित टीम और समर्पित सफाईकर्मियों की कड़ी मेहनत है। करीब 40 सफाईकर्मी हर रात 8 बजे से सुबह 3 बजे तक कार्य करते हैं। चाहे सर्दी हो या बारिश, उनका समर्पण कभी नहीं डगमगाया। सहायक अभियंता लोकेश पाटीदार के अनुसार, प्रतिदिन अलग-अलग रूट तय किए जाते हैं और उसी के मुताबिक सफाई की जाती है। पिछले आठ वर्षों में एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली गई, जिससे स्वच्छता में निरंतरता बनी रही।
समग्र स्वच्छता मॉडल बना डूंगरपुर
Dungarpur Super Swachh League City 2024: डूंगरपुर ने केवल सफाई ही नहीं, बल्कि समग्र स्वच्छता नीति पर काम किया है। नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण, प्लास्टिक के उपयोग पर रोक और सार्वजनिक जागरूकता अभियान जैसे कदम उठाए। स्कूलों और वार्ड स्तर पर समय-समय पर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए गए। इसी कारण, शहर की जनता ने स्वच्छता को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानकर, अपने जीवन का हिस्सा बना लिया है।
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