दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच चल रहा विवाद अब और उलझता जा रहा है। कथित रिश्तों, लेन-देन और लव ट्रैप के आरोपों के बीच अब इस मामले में महादेव सट्टा एप का नाम सामने आना इसे बेहद संवेदनशील बना रहा है। प्रशासनिक हलकों से लेकर आम जनता तक, हर कोई यह जानना चाहता है कि असल कहानी क्या है।
डीजीपी-आईजी को लिखा पत्र
होटल कारोबारी दीपक टंडन ने राज्य के डीजीपी और आईजी को भेजे पत्र में डीएसपी कल्पना वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। टंडन का दावा है कि वह बीते करीब पांच वर्षों से कल्पना वर्मा और उनके परिवार के संपर्क में था और उनके बीच पारिवारिक व सामाजिक रिश्ते भी रहे। इन्हीं संबंधों के दौरान, उसके अनुसार, विवाद की शुरुआत हुई।
सट्टा पैनल चलाने का दबाव बनाया गया
टंडन ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा ने उस पर दंतेवाड़ा में महादेव सट्टा एप का पैनल संचालित करने का दबाव बनाया था। उसने जब इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, तो कथित तौर पर उसे पैसों के लेन-देन के मामलों में फंसाया गया। टंडन का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में उसके व्यवसाय को भारी नुकसान हुआ और करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति हुई।
बैंक खातों और लेन-देन को लेकर भी उठे सवाल
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि डीएसपी कल्पना वर्मा अपने निजी बैंक खाते के अलावा अपने पिता हेमंत कुमार वर्मा और अन्य परिजनों के खातों में नियमित लेन-देन करती थीं। टंडन का दावा है कि जिन भुगतानों का जिक्र किया गया है, उनका पूरा विवरण उसने पत्र के साथ संलग्न किया है और बाद में इन्हीं लेन-देन को उसके खिलाफ हथियार बनाया गया।
डीएसपी का पलटवार
इस पूरे मामले पर डीएसपी कल्पना वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका महादेव सट्टा एप से कोई लेना-देना नहीं है। डीएसपी का आरोप है कि दीपक टंडन उन पर अदालत से मामला वापस लेने का दबाव बना रहा था और जब वह सफल नहीं हुआ, तो बदनाम करने के लिए फर्जी बातचीत, तस्वीरें और झूठे आरोप सामने लाए गए।
पुराने मामलों ने बढ़ाई मुश्किल
विवाद के बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि दीपक टंडन के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। वर्ष 2020 में कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ करीब 27.90 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था, जो अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में कई बार गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद अब तक गिरफ्तारी न होना सवालों के घेरे में है।
गिरफ्तारी में देरी पर उठे सवाल
18 दिसंबर को शिकायतकर्ता महेंद्र सिंह ने एसपी कोरबा को पत्र लिखकर फिर से दीपक टंडन की गिरफ्तारी की मांग की। पत्र में आरोप लगाया गया है कि टंडन द्वारा रायपुर, सक्ती और कोरबा सहित अन्य जिलों में भी धोखाधड़ी की गई है और उसके फरार होने की आशंका बनी हुई है। इसके बाद से मामले को लेकर प्रशासनिक हलचल और तेज हो गई है।
जांच पर टिकी निगाहें
डीएसपी और कारोबारी के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच महादेव सट्टा एप का नाम जुड़ना मामले को और पेचीदा बना रहा है। फिलहाल पुलिस और उच्च अधिकारियों की जांच पर सबकी नजर है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष यह तय करेंगे कि यह हाईप्रोफाइल विवाद किस मोड़ पर पहुंचता है।
