dsp kalpana verma suspend: छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ब्लैकमेलिंग और संवेदनशील जानकारियां लीक करने के आरोपों में दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया गया. शुरुआती जांच में महिला अधिकारी के खिलाफ आर्थिक लेनदेन, दिए गए बयानों और व्हाट्सएप चैट के बीच गंभीर विरोधाभास सामने आए हैं। इसके बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पीएचक्यू अटैच कर दिया है।
dsp kalpana verma suspend: पद का दुरुपयोग अवैध लाभ के आरोप
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, डीएसपी कल्पना वर्मा पर कर्तव्य के दौरान अवैध आर्थिक लाभ लेने, पद का दुरुपयोग करने और अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं। यही नहीं, उन पर नक्सल मोर्चे से जुड़ी संवेदनशील खुफिया जानकारी लीक करने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं.इस पूरे मामले ने पुलिस विभाग की आंतरिक सुरक्षा और अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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dsp kalpana verma suspend: होटल कारोबारी ने लगाए थे आरोप
रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन ने वर्ष 2021 से महिला डीएसपी पर कथित तौर पर लव ट्रैप के जरिए करीब 2.5 करोड़ रुपए की वसूली का आरोप लगाया था. आरोपों में करीब 2 करोड़ रुपए नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपए की डायमंड रिंग, करीब 5 लाख रुपए के सोने के गहने और अन्य महंगे गिफ्ट शामिल बताए गए हैं.इस पूरे मामले ने तब और तूल पकड़ लिया, जब कारोबारी ने पुलिस मुख्यालय तक शिकायत पहुंचाई।
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जांच में लेनदेन की पुष्टि
सूत्रों के अनुसार, जांच में होटल कारोबारी से पैसे लिए जाने की पुष्टि हुई है। यह भी सामने आया है कि डीएसपी ने अपने भाई के नाम पर होटल खोलने के बहाने कारोबारी से रकम ली थी. यही वजह है कि मामला अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि ठोस साक्ष्यों के दायरे में आ गया है।
व्हाट्सएप चैट बनी सुर्खियों की वजह
पिछले करीब दो महीनों से यह मामला लगातार मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा में है। कारोबारी और महिला डीएसपी के बीच हुई व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद दबाव और बढ़ गया. इन चैट्स में कथित तौर पर विभागीय और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी जानकारियों के आदान-प्रदान का दावा किया गया है।
1400 पन्नों की रिपोर्ट में सच आया सामने
विवाद गहराने के बाद पुलिस मुख्यालय ने रायपुर के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर को जांच सौंपी थी. एएसपी राठौर ने करीब 1400 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके आधार पर यह निलंबन कार्रवाई की गई.अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे विभागीय जांच और कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में जाती है और क्या यह मामला आपराधिक मुकदमे तक पहुंचेगा।
