DSP Kalpana Verma Case: प्रदेशभर में सुर्खियों में रहे डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। करीब एक महीने चली पुलिस जांच के बाद इस मामले की 1,400 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में रिश्वत, महंगे तोहफे और खुफिया जानकारी लीक करने जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र है, जिसने पुलिस महकमे की भी चिंता बढ़ा दी है।
DSP Kalpana Verma Case: जांच में क्या सामने आया
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच हुई व्हाट्सऐप चैट्स को अहम साक्ष्य माना गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन चैट्स के जरिए नक्सल प्रभावित इलाकों, सुरक्षा बलों की तैनाती और चल रहे ऑपरेशनों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा की गईं.
जांच रिपोर्ट में तीन आईपीएस अधिकारियों से जुड़ी सूचनाओं के लीक होने का भी उल्लेख है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जानकारी का बाहर जाना राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
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DSP Kalpana Verma Case: कारोबारी के आरोप
कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से डीएसपी कल्पना वर्मा ने कथित तौर पर लव ट्रैप के जरिए उनसे करीब 2.5 करोड़ रुपये वसूले। इसमें लगभग 2 करोड़ नकद, एक लग्जरी कार, 12 लाख रुपये की डायमंड रिंग, 5 लाख के सोने के गहने और अन्य महंगे तोहफे शामिल बताए गए हैं. दीपक का दावा है कि शिकायत के बावजूद अब तक कार और ज्वेलरी उन्हें वापस नहीं मिली। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि डीएसपी के भाई के नाम पर होटल खोलने का बहाना बनाकर उनसे बड़ी रकम ली गई।
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डीएसपी वर्मा का पक्ष
वहीं डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद और साजिश करार दिया। व्हाट्सऐप के जरिए दी गई प्रतिक्रिया में डीएसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही चैट्स फर्जी हैं और उन्हें बदनाम करने के इरादे से यह पूरा मामला खड़ा किया गया है। उनका कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं और सच्चाई सामने आएगी।
आगे की प्रक्रिया क्या होगी
जांच पूरी होने के बाद अब डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन को कोर्ट में पेश होना है। दोनों पक्ष वहां अपनी-अपनी बात रखेंगे। सरकार ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। रिपोर्ट में खास तौर पर वित्तीय लेन-देन और पुलिस विभाग की खुफिया सूचनाओं की लीकिंग पर फोकस किया गया है।
