चित्रकूट में गधों के मेले में लगी लाखों की बोली
donkey fair chitrakoot: मध्यप्रदेश के सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट इन दिनों एक अनोखे मेले की वजह से सुर्खियों में है। यहां दीपावली मेले के दूसरे दिन से मंदाकिनी नदी के किनारे गधों और खच्चरों का ऐतिहासिक मेला लगता है। यह परंपरा पिछले कई सालों से जारी है और इसकी शुरुआत मुगल शासक औरंगजेब के समय से मानी जाती है।
गधों के मेले में गैंगस्टर और स्टार
धार्मिक नगरी चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेला पर्व में दीपदान के दूसरे दिन अन्नकूट से पशुधन की धूम है और गधों के मेले में रौनक बिखर पड़ी है.दीपावली पर चित्रकूट में गधों का बाजार सज गया है. इस बाजार में गधों के साथ खच्चर भी बेचने के लिए लाए जाते हैं, जिनकी कीमत लाखों में होती है. इसके साथ ही बड़ी बात यह है कि इनके नाम भी नामी गैंगस्टर और बॉलीवुड के हीरो के तर्ज पर रखे जाते हैं, और उन नामों पर बोली लगती है. यह बोली लाखों में होती है. जैसे मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या के आरोप के बाद लॉरेंस बिश्नोई का नाम पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. हर कोई इस नाम का उपयोग अपने निजी कार्यों में करने लगा है.
विश्नोई, सलमान शाहरुख के नाम के गधे
चित्रकूट में दीपावली के दूसरे दिन तीन दिवसीय गधे एवं खच्चरों का मेला लगता है. यहां पर गधों के अलग-अलग नाम भी रखे जाते हैं. विगत वर्ष भी लारेंस विश्नोई, सलमान शाहरुख के नाम से गधे और खच्चर बिके थे. इस वर्ष भी ऐसे ही गधों का बाजार इन्हीं नामों से गुलजार है. लारेंस विश्नोई नाम के गधे की कीमत सबसे ज्यादा है.
एक्टर्स और गैंगस्टर के नाम वाले गधों की लाखों की बोली
मेले में देश के कोने-कोने से गधा व्यापारी अपने पशुओं के साथ आए हैं, सबसे खास बात यह है कि इस मेले में विगत वर्ष से फिल्मी सितारों एवं गैंगस्टर के नाम से गधों और खच्चरों को खरीदा और बेचा जाता है. इनके नाम लारेंस विश्नोई, शाहरुख, सलमान, कैटरीना, माधुरी होते हैं. लेकिन इस बार गधों के बाजार में देश से प्रदेश भर में गैंगस्टर एवं फिल्मी सितारों के नाम चर्चा कौतूहल का विषय बना हुआ है.
लाखों रुपए में लगी गधों की बोली
इस बार सबसे अधिक अभी तक 50 हजार से लेकर 1 लाख से अधिक कीमत में गधे और खच्चर बिके हैं. जबकि यहां अभी तक लॉरेंस विश्नोई की एक लाख से अधिक कीमत है. इस मेले की शुरुआत मुगल शासक औरंगजेब द्वारा की गई थी. औरंगजेब द्वारा चित्रकूट के इसी मेले से अपनी सेना के बेड़े में गधों और खच्चरों को शामिल किया गया था. इसलिए इस मेले का ऐतिहासिक महत्व है. इस मेले में एक लाख रुपए से अधिक तक के गधे और खच्चर बिकने के लिए आते हैं.
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