Dog Bite Guide: भारत में हर साल लाखों लोग कुत्तों के काटने के शिकार होते हैं। इनमें से कई मामले गंभीर रूप लेते हैं, खासकर जब घावों का सही समय पर इलाज नहीं होता या रैबीज जैसी जानलेवा बीमारी की अनदेखी की जाती है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि कुत्ते के काटने पर तत्काल क्या कदम उठाए जाएं, कौन-से टीके लगवाने होते हैं और कानूनी रूप से आपके अधिकार क्या हैं।
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सबसे पहले क्या करें? (प्राथमिक उपचार)…
कुत्ते के काटने पर घबराने की बजाय शांत रहते हुए तुरंत निम्नलिखित कदम उठाएं…
घाव को धोएं..
काटने वाली जगह को साबुन और साफ पानी से कम से कम 10-15 मिनट तक धोएं। ये सबसे जरूरी स्टेप है क्योंकि इससे रैबीज वायरस की मात्रा को कम किया जा सकता है।
एंटीसेप्टिक लगाएं…
घाव पर बेटाडीन, डेटॉल या सव्लोन जैसे एंटीसेप्टिक का प्रयोग करें।
खून बहने दें…
अगर खून निकल रहा है तो कुछ देर तक बहने दें। यह भी वायरस को बाहर निकालने में मदद करता है।
ड्रेसिंग करें…
घाव को साफ पट्टी से ढक दें, लेकिन कसकर न बांधें।

डॉक्टर से परामर्श और टीके लगवाना क्यों जरूरी है?
कुत्ते के काटने के बाद तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। यह जरूरी है कि आप रैबीज वैक्सीनेशन कोर्स समय पर पूरा करें।
रैबीज क्या है?
रैबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है जो संक्रमित जानवर के काटने से इंसानों में फैलती है। एक बार लक्षण दिखने पर इसका कोई इलाज नहीं है, और यह लगभग 100% मामलों में घातक होती है।
टीकाकरण शेड्यूल…
टीके का दिन – विवरण
दिन 0 – पहला टीका (काटने के दिन)
दिन 3 – दूसरा टीका
दिन 7 – तीसरा टीका
दिन 14 – चौथा टीका
दिन 28 – पांचवां टीका
अगर घाव गंभीर है या जानवर पागल लग रहा था, तो डॉक्टर रैबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (RIG) भी लगाने की सलाह देंगे।
किन मामलों में खतरा ज्यादा होता है?
1. यदि कुत्ता पालतू नहीं है या उसकी वैक्सीनेशन हिस्ट्री नहीं पता।
2. यदि कुत्ता काटते समय आक्रामक या असामान्य व्यवहार कर रहा था।
3. अगर उसने चेहरे, गर्दन या हाथ जैसे संवेदनशील हिस्से पर काटा हो।
4. अगर घाव गहरा, खून निकलता हुआ या मल्टीपल है।

बच्चों के लिए विशेष सावधानी..
बच्चे अक्सर सड़कों पर खेलते हुए कुत्तों के संपर्क में आ जाते हैं। उनकी प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है। इसलिए अगर किसी बच्चे को कुत्ता काटता है—even हल्का सा नाखून या पंजा—तब भी उसे डॉक्टर के पास जरूर ले जाएं।
कानूनी अधिकार और शिकायत प्रक्रिया…
अगर किसी पालतू कुत्ते ने आपको काटा है और उसके मालिक ने जिम्मेदारी नहीं ली, तो आप नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
इन धाराओं के तहत कार्रवाई की कर सकते हैं मांग…
1. IPC धारा 289 – खतरनाक जानवरों को लापरवाही से रखने पर
2. IPC धारा 337/338 – मानव जीवन को खतरे में डालने या गंभीर चोट पहुंचाने पर
अगर काटने वाला कुत्ता आवारा था, तो आप नगर निगम या स्थानीय पशु नियंत्रण विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आवारा कुत्तों को मारा नहीं जा सकता, लेकिन उनकी निगरानी और वैक्सीनेशन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
कैसे करें बचाव?
1. पालतू कुत्ते को समय-समय पर रैबीज का टीका लगवाएं।
2. बच्चों को सिखाएं कि अजनबी या आवारा कुत्तों से दूर रहें।
3. खाने के समय, सोते वक्त या कुत्ते के बच्चों के पास जाने से पहले कुत्तों से छेड़छाड़ न करें।
4. कुत्ते को घेरने या अचानक डराने की कोशिश न करें।
