
डॉ. की लापरवाही, परिजनों ने की मारपीट
युवक की मौत की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और हिंदुस्तान लीवर कंपनी के कर्मचारी डॉक्टर के घर के बाहर इकट्ठा हो गए। गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टर तथा उनके सहयोगी के साथ मारपीट की। परिजनों का कहना था कि डॉक्टर की लापरवाही और गलत इलाज के कारण एक युवा कर्मचारी की जान चली गई। इस हंगामे के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करना पड़ा।

अवैध रूप से अस्पताल संचालित
घटना की सूचना मिलते ही ज्वालापुर कोतवाली पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह मौके पर पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच में पाया गया कि घर में अवैध रूप से अस्पताल संचालित किया जा रहा था। इसके तत्काल बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए अस्पताल को सील कर दिया। मनीष सिंह ने मृतक के परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषी डॉक्टर के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सराहा, लेकिन साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में और सख्ती की मांग भी उठने लगी।
Doctor Negligence Haridwar: चिकित्सा लापरवाही पर सवाल
यह घटना एक बार फिर निजी अस्पतालों में चिकित्सा लापरवाही और अवैध संचालन के मुद्दों को सामने लाती है। सिटी मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस मामले ने स्थानीय प्रशासन और सरकार के सामने निजी चिकित्सा संस्थानों के नियमन और निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर किया है। मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की है और प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने का वादा किया है।
