राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी हाल ही में जोधपुर में आयोजित ‘लंगड़ी एक्सप्रेस’ कार्यक्रम में शामिल हुईं, जहाँ उन्होंने पारंपरिक खेल लंगड़ी दौड़ में भाग लेकर अपनी बचपन की खुशगवार यादों को ताजा किया। उन्होंने बताया कि यह खेल हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे सहेजना और बढ़ावा देना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का आयोजन और उत्साह
यह आयोजन रोटरी क्लब ऑफ जोधपुर संस्कार द्वारा रेलवे स्टेडियम में किया गया था। दीया कुमारी के साथ उद्योग मंत्री के.के. बिश्नोई, विधायक अतुल भंसाली और महापौर कुंती परिहार भी विशेष अतिथि थे। कार्यक्रम में 600 से अधिक बच्चों ने भाग लिया, और यह इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया। दीया कुमारी ने भाग लेकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
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बचपन की यादें जागीं
दीया कुमारी ने दौड़ लगाते हुए कहा कि यहां आकर बचपन की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने साझा किया कि लंगड़ी दौड़ लगभग हर बच्चे का प्रिय खेल रहा है। इसे खेलते हुए वे भी अपने बचपन के उन पलों को जी रही थीं और इस खेल को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की कवायद में जुटने का आह्वान किया।
खेलों के संरक्षण की आवश्यकता
दीया कुमारी ने इस आयोजन के माध्यम से पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे खेल हमारी संस्कृति के अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण आवश्यक है ताकि युवा पीढ़ी इन खेलों से जुड़ी रहे। साथ ही राज्य सरकार से भी उन्होंने इन खेलों की सुरक्षा और प्रचार के लिए प्रयास बढ़ाने का आग्रह किया।
दीया कुमारी का लंगड़ी दौड़ में भाग लेना न केवल खेल का उत्सव था, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी था। इस पहल से पारंपरिक खेलों को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी और आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकेंगी। ऐसे आयोजन भारत की समृद्ध खेल संस्कृति को जीवित रखने में सहायक साबित होंगे।
