राजधानी के एक प्रमुख सरकारी स्कूल में बच्चों को बदबूदार और प्रदूषित पानी सप्लाई किए जाने का मामला सामने आया है। हबीबिया स्कूल में गंदे पानी की शिकायत मिलने के बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला पानी का सैंपल लेकर नगर निगम की जल सुनवाई में पहुंचे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि मौके पर पानी की जांच करने वाले जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं थे।
भोपाल बदबूदार पानी: सैंपल लिया, जांच से किया इनकार
कांग्रेस नेताओं ने जब मौके पर ही पानी की जांच कराने की मांग की तो मौजूद कर्मचारी ने स्पष्ट कर दिया कि जल सुनवाई के दौरान केवल सैंपल जमा किए जाते हैं, उनकी तत्काल जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। कर्मचारी का कहना था कि सैंपल को प्रयोगशाला भेजा जाएगा और रिपोर्ट बाद में मंगवाई जाएगी.इस जवाब से नाराज कांग्रेस नेता और स्थानीय लोग मौके पर ही विरोध जताने लगे। मनोज शुक्ला ने आरोप लगाया कि बच्चों की सेहत से जुड़ा मामला होने के बावजूद नगर निगम पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है।
भोपाल बदबूदार पानी: 4 हजार सैंपल, रिपोर्ट सिर्फ तीन की
जानकारी के मुताबिक नगर निगम भोपाल अब तक शहरभर से 4 हजार से अधिक पानी के सैंपल एकत्र कर चुका है, लेकिन इनमें से केवल तीन स्थानों की ही जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। बाकी सैंपलों की रिपोर्ट कहां है, इस पर निगम की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा.हबीबिया स्कूल में कक्षा पहली से आठवीं तक करीब 350 से अधिक बच्चे रोज पढ़ने आते हैं। बच्चों को इसी पानी को पीना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौके पर टीडीएस जांच की मांग
कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने जल सुनवाई के दौरान ही टीडीएस मीटर से पानी की गुणवत्ता जांचने की मांग की। मौके पर मौजूद लोगों ने भी पानी को बदबूदार और पीने योग्य न होने की बात कही.शुक्ला ने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी पीने से 34 लोगों की मौत के बाद भी भोपाल नगर निगम ने कोई सबक नहीं लिया है। आज भी वार्ड स्तर पर साफ और सुरक्षित पानी की सप्लाई सुनिश्चित नहीं की जा पा रही।
