“नया ऊबर ड्राइवर आ गया” — ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही हुए ट्रोल
दिलजीत ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किए गए ऑस्ट्रेलिया टूर के बिहाइंड द सीन वीडियो में इस अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा – “जब हमने यहां लैंड किया, तो ‘डेली मेल’ वालों ने न्यूज़ डाली कि दिलजीत दोसांझ भारत से पहुंचे हैं। मैंने जब उस पोस्ट को देखा, तो नीचे बहुत सारे कमेंट्स थे – जैसे ‘नया ऊबर ड्राइवर आ गया’, ‘7-11 पर नया काम करने वाला आ गया’। ऐसे-ऐसे रेसिज्म वाले कमेंट्स बहुत थे।”“दुनिया में कोई सीमाएं नहीं होनी चाहिए” – दिलजीत
दिलजीत ने आगे कहा कि उन्हें इन बातों से अब गुस्सा नहीं आता। “लोग यहां अपनी पहचान के लिए बहुत संघर्ष करते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि धरती सबकी है। किसी को यह नहीं कहना चाहिए कि ‘यह हमारा देश है’, ‘यह हमारी जमीन है’। हर इंसान को जहां चाहे वहां जाने और काम करने की आज़ादी होनी चाहिए।”View this post on Instagram
“ऊबर हो या ट्रक ड्राइवर – सबकी अहमियत है”
दिलजीत ने रेसिस्ट लोगों को जवाब देते हुए कहा –
“अगर कोई कहे कि ऊबर वाला आ गया या सफाई करने वाला आ गया, तो भाई, वक्त पर ऊबर मिल जाए, तो वही सबसे बड़ी राहत है। ट्रक ड्राइवर न हों, तो ब्रेड भी घर तक नहीं पहुंचती। हर काम की अपनी इज़्ज़त है।” “मुझे किसी से गुस्सा नहीं, सबको प्यार” वीडियो के अंत में दिलजीत ने कहा कि उन्हें किसी से कोई गुस्सा नहीं है। “मैं बस यही सोचता हूं कि लोग अभी भी कहां खड़े हैं। भगवान ही सब ठीक करेंगे। जो भी नस्लभेदी हों, उन्हें भी मेरी तरफ से प्यार और सत्कार। क्योंकि ‘इक ओंकार’ है – सब कुछ उसी के हाथ में है।”View this post on Instagram