सियासी गलियारों में चर्चा का विषय
Digvijaya Singh on Jyotiraditya Scindia 2025: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को मंच तक ले जाने का मामला इन दिनों राजनीतिक हलकों और मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना एक कार्यक्रम के दौरान हुई जिसने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
दिग्विजय सिंह ने तोड़ी चुप्पी
मामले पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि जिस कार्यक्रम में वे गए थे वह पूरी तरह निजी था। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के मंच पर नहीं बैठने की कसम खाई थी और वह कसम अब भी कायम है।
मंच पर बैठने का कारण बताया
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उस कार्यक्रम में वे नीचे ही बैठे थे। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ज्योतिरादित्य सिंधिया पहुंचे वे खुद उन्हें मंच पर ले गए। यह पूरी तरह शिष्टाचार का हिस्सा था।
सिंधिया को बताया बेटे समान
दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति अपने व्यक्तिगत रिश्ते पर जोर देते हुए कहा, “सिंधिया मेरे पुत्र समान हैं।” उन्होंने साफ किया कि इस घटना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
राजनीति से परे व्यक्तिगत सम्मान
Digvijaya Singh on Jyotiraditya Scindia 2025: दिग्विजय सिंह ने दोहराया कि उनका यह कदम राजनीतिक मंच की कसमें तोड़ने वाला नहीं बल्कि व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत रिश्ते और सम्मान हमेशा कायम रहने चाहिए।
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