Digital Arrest Online Fraud: भोपाल। कोहेफिजा क्षेत्र में एक अधिवक्ता चार घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसे रहे। आरोपियों ने खुद को एटीएस (Anti Terrorist Squad) का अधिकारी बताकर अधिवक्ता को वीडियो कॉल के ज़रिए बंधक बना लिया था। पुलिस की तत्परता से किसी भी आर्थिक लेन-देन से पहले अधिवक्ता को सुरक्षित बचा लिया गया।
वीडियो कॉल पर पहना पुलिस वर्दी
कोहेफिजा पुलिस के अनुसार, अधिवक्ता शम्स उल हसन हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं। उन्हें पुणे एटीएस का अधिकारी बनकर फोन आया। कॉलर ने कहा कि “पहलगाम आतंकी हमले” की जांच में उनका नाम आया है और पूछताछ करनी है। अधिवक्ता के घर पहुंचने पर आरोपियों ने वीडियो कॉल कर पुलिस की वर्दी में बातचीत शुरू की और उन्हें घर से बाहर न जाने व फोन ब्लॉक करने के निर्देश दिए।
धमकियों से भयभीत हुए अधिवक्ता
धीरे-धीरे आरोपियों ने धार्मिक आधार पर धमकाना शुरू किया, जिससे अधिवक्ता भयभीत हो गए। उसी दौरान उनका बेटा घर आया और स्थिति पर संदेह होने पर सीधे कोहेफिजा थाने पहुंचा। थाना प्रभारी के.जी. शुक्ला पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर आरोपियों ने वीडियो कॉल काट दी।
सायबर टीम जुटी जांच में
मामले की जांच के लिए सायबर क्राइम शाखा सक्रिय हो गई है। आरोपियों के मोबाइल नंबर और ठिकाने का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
Digital Arrest Online Fraud: ये रखे सावधानी
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किसी भी अनजान कॉल या वीडियो चैट पर अपने दस्तावेज़ या जानकारी साझा न करें।
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कोई भी सरकारी अधिकारी वीडियो कॉल पर जांच नहीं करता।
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संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत पुलिस या सायबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
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