ठगों ने डॉक्टर को किया डिजिटल अरेस्ट,
पोर्नोग्राफी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का दिया हवाला

MP DIGITAL ARREST: हर रोज आ रहे डिजिटल अरेस्ट के मामलों को बाद लोग जागरुक नहीं हो रहे.ताजा मामला ग्वालियर से है जहां ठगों ने एक डॉक्टर को मनी लॉन्ड्रिंग और पोर्नोग्राफी में लिप्त होने का हवाला देते हुए उसे डिजिटल अरेस्ट किया. इस दौरान ठगों ने बाथरूम में फोन साथ रखने के लिए मजबूर किया.
MP DIGITAL ARREST: ठगों ने डॉक्टर को किया डिजिटल अरेस्ट
ठगों ने ग्वालियर के जिला मलेरिया अधिकारी को अपना निशाना बना लिया. साइबर ठगों ने मलेरिया अधिकारी को कॉल कर मनी लॉन्ड्रिंग और पोर्नोग्राफी में फंसे होने की बात कहकर डराया धमकाया. इस दौरान ठगों ने उन्हें बाथरूम तक मोबाइल ले जाने को मजबूर कर दिया, हालांकि इस दौरान अचानक कॉल डिस्कनेक्ट हो गया. जिसके बाद उन्होंने अपने एक आईपीएस मित्र को कॉल किया और इसकी जानकारी दी.
MP DIGITAL ARREST: ऐसे की फंसाने की कोशिश
ग्वालियर के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ विनोद दोनेरिया को सायबर ठगों ने अरेस्ट कर पैसे ऐंठने की कोशिश की. वो अपने घर पर थे, तभी अचानक उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आया. व्हाट्सएप कॉल की डीपी में एक पुलिस अफसर का फोटो लगा हुआ था. उन्होंने कॉल उठा लिया. जिसके बाद बताया कि वो मुम्बई क्राइम ब्रांच से बोल रहा है.ठग ने दोनेरिया के बारे में काफी जानकारी देते हुए बताया कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग में आया है और पोर्नोग्राफी केस से भी जुड़ा है. उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाएगा और दस से बीस साल तक की सज़ा होगी. मामला काफी संगीन है.
MP DIGITAL ARREST: 50 हजार खाते में ट्रांसफर करने के लिए बनाया दबाव
लम्बी बातचीत के बाद ठगों ने कहा कि वो उनके बैंक खातों की जांच करेंगे. इसके लिए सबसे पहले वो 50 हजार रुपये उनके बताए खाते में ट्रांसफर करें. इस बीच वह लगातार पुलिसिया लहजे में डॉ दोनेरिया को डरा धमका रहा था. इससे भयभीत डॉ ने कॉल काटा और अपने एक परिचित आईपीएस अफसर राकेश सगर को कॉल लगाया और सारी जानकारी दी. आईपीएस अधिकारी सगर ने उन्हें समझाया और बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं होता. यह ठगों का ठगी का एक तरीका है. आप चिंता मत करो और अब कॉल मत उठाना और पुलिस को सारी जानकारी दो. जिसके बाद उन्होंने यह जानकारी पुलिस अधिकारी को दी और इस तरह मलेरिया अधिकारी सायबर ठगों के बड़े शिकार होने से बाल बाल बच गए.
