अस्पतालों में बढ़ रही मरीजों की संख्या
जिला उप चिकित्सालय और निजी अस्पतालों के वार्ड मरीजों से भरे हुए हैं। जिला उप चिकित्सालय के डायरिया विशेषज्ञ डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि बीते चार-पांच दिनों में 300 से अधिक मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर जा चुके हैं, लेकिन अभी भी 50 से ज्यादा मरीज विभिन्न वार्डों में भर्ती हैं। मरीजों को उपचार के बाद राहत मिल रही है, लेकिन नए मामले सामने आना बंद नहीं हुआ है। अस्पतालों में बेड की कमी और बढ़ते मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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दूषित पानी में बैक्टीरिया की पुष्टि
डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि दूषित पानी के नमूनों की जांच में कैलिफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई है, जो डायरिया का प्रमुख कारण है। यह बैक्टीरिया जल स्रोतों में प्रदूषण के कारण फैलता है और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। प्रशासन ने पानी की आपूर्ति की जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोग अभी भी सुरक्षित पेयजल के लिए जूझ रहे हैं। सभासद रिहान अंसारी ने बताया कि वार्ड नंबर 3 और 4 में लोग टंकी का पानी पीने से बच रहे हैं और नालों का पानी उपयोग करने को मजबूर हैं, जो स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

प्रशासन पर सवाल
दूषित पानी की समस्या ने नगर में डर का माहौल पैदा कर दिया है। सभासद रिहान अंसारी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर जल आपूर्ति की जांच और टंकियों की सफाई नहीं की गई, जिसके कारण यह संकट पैदा हुआ। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराए और जल स्रोतों की नियमित जांच सुनिश्चित करे। इसके अलावा, लोगों ने डायरिया के मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने की भी मांग की है।

मो. आरिफ की रिपोर्ट
