पाकिस्तान में भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। कराची की एक अदालत में फिल्म के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) और देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है।

PPP कार्यकर्ता ने कराची कोर्ट में दी अर्जी
शुक्रवार को PPP के कार्यकर्ता मोहम्मद आमिर ने कराची के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट (साउथ) में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया है कि फिल्म ‘धुरंधर’ में पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों, PPP के झंडे और पार्टी रैलियों के विजुअल्स का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया है।
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पार्टी को आतंक समर्थक दिखाने का आरोप
याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म में PPP को ऐसी पार्टी के रूप में पेश किया गया है, जो आतंकियों के प्रति नरमी रखती है। इसके साथ ही कराची के लियारी इलाके को “आतंकियों का युद्ध क्षेत्र” बताया गया है, जिसे उन्होंने भ्रामक और मानहानिकारक करार दिया। उनका कहना है कि इस तरह की प्रस्तुति पाकिस्तान और उसके राजनीतिक दलों की छवि को नुकसान पहुंचाती है।
बेनजीर भुट्टो की तस्वीरें बनीं सबसे बड़ा मुद्दा
फिल्म के ट्रेलर में दिखाई गई दिवंगत प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों को लेकर सबसे ज्यादा आपत्ति जताई गई है। याचिका में कहा गया है कि इन तस्वीरों और PPP से जुड़े दृश्यों के लिए किसी भी तरह की कानूनी अनुमति नहीं ली गई।
कलाकारों और मेकर्स पर FIR की मांग
याचिका में मांग की गई है कि फिल्म से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। इसमें शामिल हैं रणवीर सिंह, संजय दत्त, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेनी, इसके अलावा निर्देशक आदित्य धर, निर्माता लोकेश धर और ज्योति किशोर देशपांडे के नाम भी याचिका में दर्ज हैं।
अक्षय खन्ना के किरदार पर भी सवाल
फिल्म में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का किरदार निभाया है।
याचिका के मुताबिक, इस किरदार को PPP का समर्थन हासिल दिखाया गया है, जिससे पार्टी को अपराध और आतंकवाद से जोड़ने की कोशिश की गई। मोहम्मद आमिर का कहना है कि उन्होंने पहले कराची के दरख्शां थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने न FIR दर्ज की और न ही कोई जांच शुरू की। इसके बाद मजबूरी में उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।याचिका में पाकिस्तान दंड संहिता की कई धाराओं 499, 500, 502, 504, 505, 153-A और 109—का हवाला दिया गया है, जो मानहानि, उकसावे और सामाजिक तनाव से जुड़ी हैं।
खाड़ी देशों में पहले ही अटकी फिल्म की रिलीज
‘धुरंधर’ को लेकर विवाद पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। मिडिल ईस्ट के कई देशों में इस फिल्म को रिलीज की अनुमति नहीं दी गई है। फिल्म को
- बहरीन
- कुवैत
- ओमान
- कतर
- सऊदी अरब
- यूएई
में बैन कर दिया गया है।
‘पाकिस्तान विरोधी कंटेंट’ का आरोप
बताया जा रहा है कि खाड़ी देशों की सेंसर अथॉरिटीज ने फिल्म को पाकिस्तान विरोधी मानते हुए मंजूरी नहीं दी। इसी वजह से विदेशों में फिल्म की रिलीज अटक गई है, जबकि भारत में इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
