बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री महाराष्ट्र के गोंदिया में राम कथा के दौरान धर्मांतरण और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि वे हिंदुओं को मजबूरी में धर्म बदलने से बचाने के लिए अपनी किडनी तक बेच देंगे.
बोले- किडनी बेच दूगा, लेकिन इलाज के लिए धर्म परिवर्तन नहीं करने दूंगा
कथा के दौरान भावुक हुए बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने कहा. मैं भारत के हिंदुओं के लिए अपनी किडनी तक बेच दूंगा, लेकिन तुम्हें गरीबी या इलाज के लिए धर्म परिवर्तन नहीं करने दूंगा.मकसद साफ है वे केवल कथा करना नहीं, बल्कि मानवता की सेवा करना है.
धर्मांतरण पर की खुलकर बात
गोंदिया जिले के आमगांव में श्रीराम कथा के दूसरे दिन बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण, मंदिरों की सरकारी अधीनता और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. कथा के दौरान उन्होंने कई सामाजिक मुद्दों पर लोगों से अपील भी की.
मुझे सेवा वाला बाबा बनना है
बाबा बागेश्वर ने कहा कि उन्हें सेवा वाला बाबा बनना है. कथाओं से प्राप्त धन से भव्य मंदिर नहीं, बल्कि अत्याधुनिक अस्पताल बनाए जा रहे हैं. उन्होंने इसके पीछे कारण बताते हुए कहा कि गरीबों को मुफ्त इलाज का लालच देकर अक्सर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है.
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग
पं धीरेंद्र शास्त्री ने भारत सरकार से देश के मंदिरों को सरकारी अधीनता से मुक्त करने की मांग की. उन्होंने कहा कि देश में हजारों करोड़ रुपये के मंदिर हैं, लेकिन केवल मंदिरों के बड़े होने से धर्मांतरण नहीं रुक रहा. उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिरों के चढ़ावे का उपयोग गरीब हिंदू बेटियों के घर बसाने, उनकी शादी कराने और समाज कल्याण के कार्यों में किया जाना चाहिए.
