आगरा में भक्तों की भावनाओं को रोक न सका प्रशासन
कभी-कभी श्रद्धा इतनी उमड़ती है कि व्यवस्था भी झुक जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ आगरा में, जब बागेश्वर धाम सरकार के नाम से प्रसिद्ध पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कार्यक्रम ऐन मौके पर रद्द करना पड़ा।

कोई साधारण कार्यक्रम नहीं था यह हजारों की संख्या में भक्त अपने मन की अर्जी लेकर आए थे, श्री हनुमान जी के चरणों में बैठने, उनके चरित्र को सुनने, और एक झलक पाने के लिए। लेकिन होनी को कुछ और मंज़ूर था।
क्या हुआ उस दिन?
धीरेंद्र शास्त्री को दोपहर 1 बजे मंच पर आना था। कार्यक्रम तय था राज देवम गार्डन, आगरा, समय तय था, भक्त तय थे… लेकिन भीड़ का अंदाज़ा कोई नहीं लगा पाया।
जहां केवल 5,000 लोगों की जगह थी, वहां 20,000 से ज़्यादा लोग पहुंच गए। भीड़ बेकाबू नहीं थी, लेकिन भावनाएं उफान पर थीं।
प्रशासन के पास विकल्प नहीं था परमिशन रद्द कर दी गई।
धीरेंद्र शास्त्री बोले मन कर रहा उड़कर आ जाऊं…
एक वीडियो के ज़रिए धीरेंद्र शास्त्री ने भक्तों से माफ़ी नहीं, बल्कि प्रेम और संयम की प्रार्थना की। कहा
हमें सूचना मिली कि बहुत अधिक समुदाय पहुंच चुका है। प्रशासन की ओर से कहा गया कि किसी को चोट न लगे, कोई परेशानी न हो, इसलिए कार्यक्रम स्थगित करना पड़ेगा। हम कानून को हाथ में नहीं ले सकते। मन कर रहा है उड़कर आ जाऊं… भागकर आ जाऊं… लेकिन आपको कोई तकलीफ न हो, इसलिए रुके हैं। हम जल्द ही फिर आएंगे।
इन शब्दों में केवल संत का संयम नहीं था, बल्कि एक इंसान की संवेदना भी थी, जो अपने लोगों से मिलना चाहता था, लेकिन उन्हें जोखिम में नहीं डाल सकता।
भक्त मायूस, पर संयम में डटे रहे
कार्यक्रम रद्द होने की खबर मिलते ही पुलिस ने सूचना दी, लेकिन भक्तों का दिल कहाँ मानता है! कई लोग तब तक गेट पर बैठे रहे जब तक उन्हें विश्वास नहीं हुआ कि सच में दरबार आज नहीं लगेगा।
एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा
हम रातभर ट्रेन में सफर करके आए, बस उनकी एक झलक चाहिए थी। लेकिन जो भी हो, वो फिर आएंगे… भगवान की मर्जी होगी तो हम फिर दर्शन पाएंगे।
बारिश, भीड़ और देवयोग तीनों ने बनाई रुकावट

पहले यह कार्यक्रम तारघर मैदान में होना था, लेकिन भारी बारिश के चलते उसे राज देवम गार्डन में शिफ्ट किया गया। फिर रातोंरात व्यवस्था की गई, गद्दे-बैठक, पंडाल, पार्किंग सब कुछ। लेकिन देवयोग से कहा जाए या भीड़ की अति, धाम का दरबार आज नहीं सज पाया।
क्या फिर आएंगे? जवाब खुद शास्त्री जी ने दिया
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने वीडियो संदेश में साफ कहा
ये कार्यक्रम स्थगित हुआ है, रद्द नहीं। जल्द ही हम आगरा आएंगे, दिव्य दरबार फिर से लगेगा। श्री हनुमान जी का चरित्र फिर से गाया जाएगा।
भीड़ से नहीं, श्रद्धा से चलता है ‘धाम’
जो हुआ, वो किसी की गलती नहीं थी ना भक्तों की, ना प्रशासन की, ना आयोजन की। यह सिर्फ एक प्रमाण था उस असीम श्रद्धा का, जो धीरेंद्र शास्त्री के प्रति लोगों में है। लेकिन यह भी याद रखना जरूरी है कि संत की सेवा में भी संयम जरूरी है।
सच्ची आस्था वही है जो भीड़ में भी अनुशासन बनाए, जो रोक के बाद भी उम्मीद रखे, और जो सिर्फ दरबार में नहीं, अपने मन में भी भगवान को महसूस करे।
🚩 बागेश्वर बाबा फिर आएंगे… दरबार फिर सजेगा… और आशीर्वाद फिर मिलेगा।
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