Dharali Disaster: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली आपदा को एक हफ्ता बीत चुका है, लेकिन राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी हैं। सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें ड्रोन व आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबे में दबे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। खराब मौसम के बावजूद रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

Dharali Disaster: अब तक 43 लोग लापता
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि धराली आपदा में अब तक 43 लोग लापता हैं। प्रभावितों के पुनर्वास और राहत पैकेज तय करने के लिए सचिव, राजस्व परिषद की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जो आज उत्तरकाशी पहुंचेगी। यह टीम धराली और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी और लोगों से संवाद कर उनके हित में राहत पैकेज की संस्तुति करेगी।
Dharali Disaster: कल्प केदार देवता मंदिर का पुनर्निर्माण होगा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा कंट्रोल रूम में रेस्क्यू अभियान की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि धराली क्षेत्र में क्षतिग्रस्त निजी और सार्वजनिक संपत्ति का आकलन सात दिनों के भीतर पूरा किया जाए और रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि धराली आपदा में ध्वस्त हुए कल्प केदार देवता मंदिर का पुनर्निर्माण कराया जाएगा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तात्कालिक सहायता वितरण का कार्य जल्द से जल्द पूरा हो और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता न फैलाई जाए।
Dharali Disaster: राहत पैकेज का विस्तृत अध्ययन
जोशीमठ आपदा के लिए तैयार किए गए राहत पैकेज का भी अध्ययन इस समिति द्वारा किया जाएगा ताकि धराली के लिए प्रभावी पुनर्वास योजना बनाई जा सके।
Dharali Disaster: हर्षिल में झील से मैनुअल जल निकासी की तैयारी
सिंचाई विभाग हर्षिल में बनी कृत्रिम झील से जल निकासी मैनुअली करने की तैयारी में है। अधिकारी और श्रमिक हेलिकॉप्टर से हर्षिल पहुंचेंगे और वहां कैंप करेंगे। यूजेवीएनएल की टीम भी कार्य में सहयोग के लिए पहुंच चुकी है।
Dharali Disaster: हर्षिल-उत्तरकाशी पुल का पुनर्निर्माण
धराली-हर्षिल में 5 अगस्त को बादल फटने और बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त हुए पुल का पुनर्निर्माण कर लिया गया है। इससे राहत सामग्री और मशीनरी की आवाजाही अब सुगम हो सकेगी।
