धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर एक बार फिर सुर्खियों में है। धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बीच आज इंदौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश स्थल का निरीक्षण करने पहुंचेंगे.जिला प्रशासन ने इस दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
निरीक्षण के दौरान कड़ी सुरक्षा
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रतिनिधि मंडल सर्किट हाउस से सीधे भोजशाला के लिए रवाना होगा। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर स्थल का अवलोकन किया जाएगा।
एएसआई रिपोर्ट बनी आधार
भोजशाला के इतिहास और स्वरूप को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। वर्ष 2024 में एएसआई ने करीब 98 दिनों तक खुदाई कर 2098 पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी.इस रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण अवशेष और शिलालेखों का उल्लेख किया गया है। वर्तमान में कोर्ट में चल रही सुनवाई इसी रिपोर्ट पर आधारित है।
2 अप्रैल को अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को प्रस्तावित है। उससे पहले न्यायाधीश का यह निरीक्षण अहम माना जा रहा है.संभावना है कि प्रतिनिधि मंडल नौगांव स्थित पुरातत्व संग्रहालय का भी दौरा कर सकता है, जहां संबंधित सामग्री सुरक्षित रखी गई है।
2022 से बना हुआ है मुद्दा
भोजशाला को लेकर हिंदू और मुस्लिम पक्षों के बीच अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। वर्ष 2022 में दायर याचिका के बाद कोर्ट के निर्देश पर एएसआई सर्वे कराया गया था।तब से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत अगला चरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
