Dhami Cabinet Decisions: देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई फैसलों पर मुहर लगी। करीब 3 घंटे चली इस बैठक में कुल 16 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई अहम फैसले लिए गए। पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी मिल गई है। इस नई योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लाभार्थियों को 5% एक्स्ट्रा सब्सिडी दी जाएगी, जबकि एक ही परिवार के 2 सैनिक भी इसका फायदा ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
सरकार ने इस योजना को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के पूरक के रूप में लागू करने का फैसला लिया है, जिससे सेना में शामिल युवाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके। इसके अलावा बैठक में गेहूं खरीद नीति, ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए ब्याज में छूट और मुफ्त बिजली योजना से जुड़े निर्णयों को भी मंजूरी दी गई, जिन्हें प्रशासनिक और आर्थिक सुधार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इन प्रस्तावों को मंजूरी
- वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद के लिए पात्रता में बदलाव किया गया है। अब इस पद के लिए न्यूनतम सेवा अवधि 25 साल से घटाकर 22 साल हो गई है।
- न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीद के लिए रियायती ऋण देने का फैसला लिया है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 4% और अन्य वाहनों पर 5% ब्याज दर में छूट मिलेगी।
- PM मुफ्त बिजली योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, उन्हें सब्सिडी देने का फैसला लिया गया है। इससे लाभार्थियों को सीधे राहत मिलेगी।
- 2026 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी मिली है। इसके तहत 2585 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा। कुल 2.2 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है, जिससे किसानों को MSP का लाभ मिलेगा।
- ‘उत्तराखंड वीर उद्यमी योजना’ को नई योजना के रूप में मंजूरी दी है, जिसे CM स्वरोजगार योजना के पूरक के तौर पर लागू किया जाएगा। यह योजना पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेगी।
Dhami Cabinet Decisions: अन्य फैसले
कैबिनेट बैठक में और भी कई फैसले लिए गए। जिनमें
- PWD प्रोजेक्ट को मंजूरी
- उच्च शिक्षा में बड़ा फैसला
- होमगार्ड्स नियमावली में संशोधन
- पुलिस को हाईटेक ट्रेनिंग
- भर्ती आयु सीमा में राहत
- SI भर्ती में संशोधन
- शिक्षकों के प्रमोशन पर कमेटी
- मंडी शुल्क यथावत
- पूर्व सैनिकों को आरक्षण
- परिवार को भी फायदा
- सेतु आयोग को मंजूरी
संपत्ति वसूली अधिनियम
इसके अलावा साल 2025 में बनाए गए सरकारी संपत्ति वसूली अधिनियम को लागू करने के लिए नियमावली तैयार करने को मंजूरी दी गई है। इसके लागू होने के बाद सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली की प्रक्रिया और ज्यादा सख्त और व्यवस्थित हो सकेगी।
