Dewas Police: देवास जिले के कन्नौद नगर में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हाईटेक निगरानी व्यवस्था, जिसमें पूरे नगर में ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, माफियाओं के सामने पूरी तरह बेअसर साबित हो रही है। आश्चर्य की बात यह है कि कन्नौद थाने के ठीक सामने से दिनदहाड़े ओवरलोड और अवैध रूप से रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गुजरती हैं, और पुलिस व RTO मौन रहते हैं।

Dewas Police: परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा
यह स्थिति बताती है कि तकनीक का इस्तेमाल केवल आम नागरिकों की निगरानी के लिए हो रहा है, जबकि रेत माफिया बेखौफ होकर खुलेआम अवैध गतिविधियां अंजाम दे रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भारी ओवरलोडिंग, न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह सड़क हादसों को भी निमंत्रण देती है। बावजूद इसके, न तो पुलिस सख्ती दिखा रही है और न ही परिवहन विभाग कोई कार्रवाई कर रहा है।
Dewas Police: प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे
जनता का विश्वास डगमगा रहा है क्योंकि जब आम चोरी या अपराध होता है, तब तो पुलिस तत्परता से सीसीटीवी फुटेज देखकर आरोपियों को पकड़ लेती है। लेकिन जब अवैध रेत खनन और परिवहन की बात आती है, तो वही सिस्टम निष्क्रिय नजर आता है। इससे प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Dewas Police: मिलीभगत या लापरवाही जरूर
इस बीच एक और बड़ा सवाल यह है कि जब एक पत्रकार प्रशासन की बैठक का वीडियो बनाता है, तो उस पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने जैसा है। आखिरकार, अगर कैमरे माफियाओं को नहीं रोक पा रहे हैं और प्रशासन आंख मूंदे बैठा है, तो यह साफ संकेत है कि कहीं न कहीं मिलीभगत या लापरवाही जरूर है।
Dewas Police: अब प्रशासन से सवाल कर रही है जनता
कन्नौद की जनता अब प्रशासन से सवाल कर रही है — “कैमरे किसके लिए लगाए गए हैं? सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? और कब जागेगा प्रशासन?”
नगर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके
जनता की स्पष्ट मांग है कि ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की तत्काल जांच की जाए, उन्हें जब्त किया जाए, और रेत माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कानून का भय बना रहे और नगर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
