उत्तराखंड सरकार ने राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को बचाने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने नई ‘देवभूमि परिवार योजना’ को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य में निवासरत हर परिवार को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान करना है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचे।
परिवारों की डिजिटल पहचान और योजनाओं में सुधार
‘देवभूमि परिवार योजना’ के तहत हर परिवार का विस्तृत डाटा बेस तैयार किया जाएगा, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के नाम, आयु, पता, शिक्षा, व्यवसाय आदि जानकारी शामिल होगी। प्रत्येक परिवार को एक यूनिक परिवार पहचान संख्या (फैमिली आईडी) मिलेगी। इससे हजारों योजनाओं से लाभार्थियों की सटीक पहचान होगी, डुप्लीकेसी और फर्जीवाड़ा घटेगा, और लाभ पात्रों को सीधे मिलेगा। योजना के जरिए परिवार के सदस्यों का लाभ उठा सकने वाली सरकारी योजनाओं को भी एक क्लिक में देखा जा सकेगा।
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डेमोग्राफी चेंज से सुरक्षा और लोक हित के लिए योजना जरूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार इस योजना के माध्यम से राज्य में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज को संतुलित करने का प्रयास कर रही है। बाहरी आबादी के अंतर्वेशन के कारण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत खतरे में है, जिसे इस योजना द्वारा संरक्षित किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि संसाधनों का उचित वितरण हो और राज्य के निवासियों को ही इसका प्राथमिक लाभ मिले।
प्रशासनिक तैयारियां
योजना का संचालन राष्ट्रीय सूचना केंद्र के सहयोग से नियोजन विभाग द्वारा किया जाएगा। योजनाकारों और विश्लेषकों की टीम के साथ एक विशेष प्रकोष्ठ गठित किया गया है जो योजना के क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालेगा। इस योजना के तहत पात्र परिवारों के लिए योजनाओं के लाभ की जानकारी एक ही पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
यह ‘देवभूमि परिवार योजना’ न केवल सामाजिक समरसता बढ़ाएगी बल्कि राज्य के विकास में भी योगदान देगी, जिससे उत्तराखंड के निवासी अपनी पहचान और अधिकार सुरक्षित रख सकेंगे।
