Devari Vidhayak Bayan: मध्यप्रदेश के सागर जिले की देवरी विधानसभा क्षेत्र में हाल ही में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह चर्चा का केंद्र बन गया। इस समारोह में जहां एक ओर नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों की खुशी देखने को मिली, वहीं दूसरी ओर स्थानीय विधायक बृजबिहारी पटैरिया के एक विवादास्पद बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी। मंच से विधायक ने कहा, “कहा मैं अपनी पर आ गया तो पैजामे ढीले हो जाएंगे,” जिसे क्षेत्र में चल रही गुटबाजी और बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ तीखा कटाक्ष माना जा रहा है।
विधायक पटैरिया का विवादित बयान
मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना मध्यप्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों, विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के विवाह के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस समारोह में बड़ी संख्या में वर-वधु और उनके परिजन शामिल हुए, जिन्हें सरकार द्वारा सहायता राशि और वैवाहिक सामग्री प्रदान की गई। समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण था, लेकिन विधायक पटैरिया के बयान ने सभी का ध्यान खींच लिया।
राजनीतिक गुटबाजी पर भी तीखा प्रहार
बृजबिहारी पटैरिया ने अपने भाषण में न केवल स्थानीय विकास के मुद्दों को उठाया, बल्कि क्षेत्र में चल रही राजनीतिक गुटबाजी पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने खुलकर कहा कि वह अपनी पार्टी की नगरपालिका अध्यक्ष से नाराज हैं, क्योंकि गुटबाजी के कारण देवरी विधानसभा क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सागर के विधायक शैलेंद्र जैन और अन्य बाहरी नेता देवरी की राजनीति में अनावश्यक हस्तक्षेप कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि “बाहरी लोग देवरी की राजनीति में दखल न दें,” जिसे स्थानीय समर्थकों ने जोरदार समर्थन दिया।
विधायक के दखल से नहीं हो पाते नपा के काम
इस विवाद का एक और पहलू यह है कि समाजसेवी बबलू जैन और देवरी नगरपालिका परिषद के 12 पार्षद भी शैलेंद्र जैन पर हस्तक्षेप का आरोप लगा चुके हैं। पार्षदों का कहना है कि सागर विधायक के दखल के कारण नगरपालिका में अनियमितताओं की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो पाती। इस मुद्दे को लेकर पटैरिया और उनके समर्थक पिछले कुछ समय से भोपाल में पार्टी नेतृत्व से शिकायत कर रहे हैं।
Devari Vidhayak Bayan: BJP का अंतर्कलह उजागर
इस घटना ने एक बार फिर देवरी में भाजपा के भीतर चल रहे अंतर्कलह को उजागर कर दिया। क्षेत्र के विकास कार्यों पर इसका असर पड़ रहा है, जिससे स्थानीय जनता में भी असंतोष बढ़ रहा है। विधायक के इस बयान ने जहां उनके समर्थकों में जोश भरा, वहीं विपक्षी दलों को सरकार और स्थानीय नेतृत्व पर हमला करने का मौका मिल गया।
देवभूषण दूबे की रिपोर्ट
