जाने क्यों बैतूल के 23 परिवार कर रहे इच्छामृत्यु की मांग

MP NEWS:नर्मादापुरम के बैतूल के 23 आदिवासी परिवारों राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग की है,आदिवासी परिवारों कहना है कि सरकार ने पहले तो उन्हें जमीन दी और अब उसी जमीन से उन्हें बेदखल कर दिया जिससे वो भूखों मरने की कगार पर है.
MP NEWS:राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की मांग
नर्मदापुरम जिले के बैतूल के 23 आदिवासी परिवारों ने राष्ट्रपति के नाम लिखे एक पत्र में इच्छामृत्यु की मांग है. उनका आरोप है कि हरियाली खुशहाली योजना के तहत पहले उन्हें सरकारी जमीन दी गई और अब उन्हें उस जमीन से बेदखल किया जा रहा है, जिससे आहत होकर परिवार अब इच्छा मृत्यु चाहता है. उनके पास जमीन के अलावा दूसरा को रोजगार का साधन नहीं है, इसलिए इच्छामृत्यु मांग रहे हैं. वहीं, प्रशासन का कहना है कि उनके पास जमीन का कोई दस्तावेज नहीं है, वो कोर्ट से केस भी हार चुके हैं
MP NEWS:21 साल पहले जमीन एलॉट करने का दावा
आदिवासी परिवारों का दावा है कि उन्हे बैतुल नगरपालिका के कढ़ाई गांव में हरियाणी खुशहाली योजना के तहत सरकार ने उन्हें सरकारी जमीन दी थी, लेकिन अब उस 20 हेक्टेयर जमीन पर उद्योग विभाग वुड क्लस्टर बना रहा है, जिससे कुल 23 परिवारों को दी गई जमीन को प्रशासन ने उनसे वापस ले ली हैं. यह जमीन 23 आदिवासी परिवारों को 21 साल पहले एलॉट की गई थीं.
MP NEWS:ग्राम पंचायत के एक प्रस्ताव पर मिली थी जमीन
पीड़ित आदिवासी विनायक धुर्वे के मुताबिक साल 2003 में ग्राम पंचायत के एक प्रस्ताव के तहत जमीन 23 आदिवासी परिवारों को जीवनयापन के लिए 2-2 हेक्टेयर भूमि दी गई थी, जिस पर उन्होंने हज़ारों फलदार पेड़ पौधे लगाए. उसका कहना है कि अब जब 21 साल पहले रोपे गए पेड़-पौधे उनकी आय के मुख्य स्रोत बन चुके हैं, तो सबकुछ छीन लिया गया.
