नई दिल्ली: सोमवार को दिल्ली के तीन प्रमुख स्कूलों को बम की धमकी मिलने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), मॉडर्न कॉन्वेंट, और श्रीराम स्कूल शामिल हैं। धमकी मिलने के बाद पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने तत्काल स्कूलों को खाली करवा लिया और तलाशी ली, हालांकि किसी प्रकार का विस्फोटक नहीं मिला।
धमकी मिलने के बाद स्कूलों में सुरक्षा इंतजाम
दिल्ली पुलिस और बम स्क्वॉड की टीमों ने पूरे स्कूल परिसर की जांच की, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। सुबह 7 बजे धमकी की सूचना मिलते ही कार्रवाई शुरू हो गई। हालांकि, जुलाई महीने में भी दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिल चुके थे, जो बाद में झूठे निकले थे।
धमकी भरे मेल में लिखा था:
मैं आप में से हर एक को इस दुनिया से मिटा दूंगा। मुझे खुशी होगी जब मां-बाप अपने बच्चों के कटे-फटे शव स्कूल में देखेंगे।
यह मेल सामाजिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से भेजे गए थे, और पहले की घटनाओं की तरह सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी मुस्तैदी से जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया।

जुलाई में धमकी भरे ईमेलों का सिलसिला
18 जुलाई को 80 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इनमें दिल्ली के पीतमपुरा, द्वारका, पश्चिम विहार, रोहिणी, और संगम विहार जैसे इलाके शामिल थे। धमकी का मुख्य स्रोत ‘roadkill333’ नामक ईमेल आईडी था, जिसने 50 से अधिक स्कूलों को मेल भेजा था। इससे पहले 14 जुलाई और 15 जुलाई को भी अलग-अलग स्कूलों को धमकी मिल चुकी थी।
पिछले साल की घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में बम धमकियों की घटनाएं हो रही हैं। 2022 में भी 50 से अधिक धमकियां मिली थीं, जिनमें दिल्ली के तीन स्कूलों में दो छात्रों द्वारा बम की धमकी भेजी गई थी। इन धमकियों के पीछे मुख्य कारण परीक्षा की तिथि टालने की कोशिश थी।
सुरक्षा एजेंसियों की जवाबी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में डर फैलाने के लिए की जाती हैं, और वे पूरी तन्मयता से सुरक्षा व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं। धमकी देने वाले व्यक्तियों को पकड़ने के लिए पुलिस द्वारा छानबीन की जा रही है।

धमकी मिलने वाले प्रमुख स्कूल
- दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस)
- मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल
- श्रीराम स्कूल
इसके अतिरिक्त, सेंट स्टीफन्स कॉलेज को भी 16 जुलाई को धमकी मिली थी, जिसमें दावा किया गया था कि लाइब्रेरी में बम रखा है।
इस घटना का सामाजिक और शिक्षा प्रणाली पर असर
ऐसी घटनाएं बच्चों और अभिभावकों के बीच मनोवैज्ञानिक दबाव पैदा करती हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां बम निरोधक और डॉग स्क्वॉड के साथ तेजी से कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन समाज में इन घटनाओं के कारण आत्मविश्वास की कमी हो रही है।
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