Delhi Blast DNA Report: 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भयानक कार ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी। इस धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया। जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिरकार धमाके के वक्त कार में कौन था। अब DNA रिपोर्ट ने इस रहस्य से पर्दा हटा दिया है।
जांच टीमों ने पुष्टि की है कि कार में मौजूद व्यक्ति डॉ. उमर उन नबी ही था। DNA टेस्ट में उमर का DNA उसकी मां के DNA से मैच हो गया है। मौके से बरामद सबूतों में दांत, हड्डियां, खून से सना कपड़ा और पैर का हिस्सा शामिल हैं, जो कार के स्टेयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंसा मिला था। इससे साफ हो गया कि धमाके के वक्त कार में डॉ. उमर ही मौजूद था।

केंद्र सरकार ने माना आतंकी हमला
केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला करार दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस घटना को टेरर अटैक के रूप में मानते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। इस हमले में मारे गए लोगों की संख्या अब 13 हो चुकी है, क्योंकि गुरुवार सुबह इलाज के दौरान एक घायल ने भी दम तोड़ दिया।
इससे पहले पुलिस ने आशंका जताई थी कि धमाके में एक नहीं बल्कि दो कारों का इस्तेमाल हुआ था। इसके बाद दिल्ली, यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया। इसी दौरान हरियाणा के खंदावली गांव से एक लावारिस गाड़ी बरामद हुई, जिससे जांच का दायरा और बढ़ गया।

Read More: कौन है डॉक्टर शाहीन शाहिद? तलाक, अकेलापन और आतंकी नेटवर्क
लावारिस कार से जुड़ा नया सुराग
खंदावली गांव में मिली लावारिस गाड़ी की जांच के लिए NSG बॉम्ब स्क्वाड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गाड़ी को सील कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
सूत्रों के अनुसार, यह गाड़ी जिस जगह से बरामद हुई, वह डॉ. उमर के ड्राइवर की बहन का घर है। इस कड़ी से अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह गाड़ी धमाके में इस्तेमाल की गई दूसरी कार थी या फिर इसे हमले के बाद बच निकलने के लिए तैयार रखा गया था।
फरीदाबाद पुलिस ने इस सिलसिले में फहीम नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिसने लाल रंग की इको स्पोर्ट कार को खंदावली में पार्क किया था। जांच में पता चला है कि फहीम उमर का रिश्तेदार है।

एक और कार मिली
दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े केस में पुलिस को एक और कार मिल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रेजा कार फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस में खड़ी थी। जिसे डॉ. शाहीन खुद चलाती थी।
Delhi Blast DNA Report: हादसे को लेकर तीन बड़े खुलासे
जांच एजेंसियों ने दिल्ली ब्लास्ट केस में तीन चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जो बताते हैं कि दिल्ली को दहलाने की साजिश कितने लंबे समय से चल रही थी।
1. जनवरी में लाल किले की रेकी की थी
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल गनी और मारे गए डॉ. उमर नबी ने जनवरी में कई बार लाल किले और आसपास के इलाकों की रेकी (जासूसी सर्वे) की थी। मोबाइल डंप डेटा और लोकेशन रिकॉर्ड से यह जानकारी सामने आई है।
2. 6 दिसंबर को था हमला करने का प्लान
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया है कि उमर 6 दिसंबर को बड़ा हमला करने की योजना बना रहा था, लेकिन मुजम्मिल गनी की गिरफ्तारी के बाद यह प्लान विफल हो गया। इसी वजह से उमर ने जल्दीबाजी में 10 नवंबर को हमला कर दिया।
3. खाद की बोरी बताकर जुटा रहा था विस्फोटक
Delhi Blast DNA Report: डॉ. मुजम्मिल गनी फरीदाबाद में अपने किराए के कमरे में खाद की बोरी बताकर विस्फोटक सामग्री जमा कर रहा था। यह जानकारी पुलिस को मकान मालिक और स्थानीय सूत्रों से मिली। जांच में गनी के कमरे से रासायनिक पदार्थ, सर्किट बोर्ड और टाइमर जैसे सामान बरामद हुए हैं।

CCTV फुटेज से खुली पूरी साजिश
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट का सबसे क्लोज CCTV फुटेज सामने आया है। 10 सेकेंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के सिग्नल पर करीब 20 गाड़ियां खड़ी थीं, तभी तेज धमाका होता है और आग की लपटों में कार घिर जाती है।
फुटेज की मदद से पुलिस अब आस-पास की अन्य गाड़ियों और संभावित संदिग्धों की पहचान कर रही है। माना जा रहा है कि धमाका इतनी ताकतवर विस्फोटक से किया गया था कि आसपास खड़ी कारों के शीशे तक टूट गए।
View this post on Instagram
Delhi Blast DNA Report: जांच जारी, देशभर में अलर्ट
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) की टीमें मिलकर जांच कर रही हैं। देशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या डॉ. उमर और मुजम्मिल किसी बड़े आतंकी संगठन से जुड़े थे, और क्या इस हमले के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय था।
