दिल्ली-NCR में पटाखा बैन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
क्या ग्रीन पटाखों को मिलेगी दिवाली पर अनुमति?
delhi ncr firecracker ban: दिल्ली और एनसीआर में हर साल दिवाली के मौके पर बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर विवाद उठता है। इस बार भी पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें ग्रीन पटाखों को लेकर फैसला सुरक्षित रखा गया है। सुनवाई के दौरान दिल्ली-एनसीआर के राज्यों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि उन्हें बच्चों को दिवाली मनाने का मौका दिया जाए और सिर्फ हरे पटाखों को फोड़ने की अनुमति दी जाए।
delhi ncr firecracker ban: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री से संबंधित याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर के राज्यों की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से गुजारिश की कि कम से कम दो घंटे, रात 8 बजे से 10 बजे तक, हरे पटाखे फोड़ने की अनुमति दी जाए। उनका कहना था कि बच्चों को दिवाली के जश्न का हिस्सा बनने का मौका मिलना चाहिए, बशर्ते वह ग्रीन पटाखे हों जो पर्यावरण के लिए कम हानिकारक हों।
delhi ncr firecracker ban: क्या हैं ग्रीन पटाखे?
ग्रीन पटाखे पारंपरिक पटाखों की तुलना में पर्यावरण के लिए कम हानिकारक होते हैं। इनमें हानिकारक रसायनों जैसे बेरियम, नाइट्रेट, पोटैशियम क्लोरेट, और सल्फर का इस्तेमाल कम या बिल्कुल नहीं किया जाता। ग्रीन पटाखों का निर्माण राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) द्वारा प्रमाणित किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि उनका उपयोग करने से प्रदूषण स्तर में कमी आती है।
delhi ncr firecracker ban: पटाखा बैन और राज्य सरकारों की मांग
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, और हरियाणा के राज्य सरकारों ने कोर्ट से यह भी आग्रह किया कि ग्रीन पटाखों की बिक्री केवल लाइसेंस प्राप्त व्यापारियों द्वारा की जाए और इन्हें केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही, ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने की भी मांग की गई, ताकि पटाखों का अवैध व्यापार न हो सके।

राज्य सरकारों ने यह भी कहा कि दिवाली के अलावा, क्रिसमस और नए साल जैसे पर्वों पर भी हरे पटाखों को फोड़ने की अनुमति दी जाए। इस तरह की सीमित अवधि में ग्रीन पटाखों के उपयोग से, वे मानते हैं कि लोग सुरक्षित तरीके से त्यौहार मना सकेंगे, और प्रदूषण पर नियंत्रण भी रहेगा।
delhi ncr firecracker ban: सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में दिल्ली में पटाखों पर बैन लगाया था, और इसके बाद से यह मुद्दा लगातार कानूनी और राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, अदालत ने पहले यह भी माना था कि पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना न तो व्यावहारिक है, और न ही यह सही तरीका है।
इसके बावजूद, सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के अंत में एक निर्णय में दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की निर्माण, भंडारण और बिक्री पर फिर से बैन लगा दिया था। अब, 2025 की दिवाली तक पटाखों पर यह बैन जारी रखने का प्रस्ताव भी रखा गया था, जिस पर कोर्ट में सुनवाई हो रही है।

