Delhi Pollution Update: दिल्ली में प्रदुषण के कारण हालात खराब होते जा रहे है। सांस लेना मुश्किल हो गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने GRAP स्टेज-IV (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू कर दिया है।
GRAP स्टेज-IV लागू
ट्रकों पर रोक – दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई। केवल उन ट्रकों को आने दिया जाएगा जो आवश्यक चीजें जैसे – दूध, सब्जी, दवा, राशन और जरूरी सेवाएं लेकर आ रहे हैं। बाकी सभी भारी वाहनों को बॉर्डर से ही लौटा दिया जाएगा।

किन-किन पर रोक?
डीजल गाड़ियों पर रोक: दिल्ली में BS-IV इंजन वाली गाड़ियों को ही चलाने की अनुमति होगी। यानी अगर आपकी गाड़ी पुरानी है और डीजल पीती है, तो उसे गैराज में ही रखें वरना भारी जुर्माना भरना पड़ेगा।
बाहरी गाड़ियों पर बैन: दिल्ली के बाहर की गाड़ियां अगर BS-VI मानक की नहीं है, तो वह दिल्ली की सीमा में एंट्री नहीं कर सकती। केवल इलेक्ट्रिक वाहनों और CNG गाड़ियों को ही छूट मिलेगी।
निर्माण ठप: धूल उड़ने से रोकने के लिए निर्माण से जुड़े ट्रकों पर भी लगाम लगा दी गई। रेत, ईंट, सीमेंट और पत्थर ढोने वाले वाहनों की दिल्ली में एंट्री पूरी तरह बैन है।
किन्हें मिलेगी छूट? इस सख्ती के बीच केवल इमरजेंसी सेवाओं को रास्ता दिया जाएगा। एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस की गाड़ियां, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाली गाड़ियां, और सार्वजनिक परिवहन ही बेरोकटोक चल सकेंगे।
‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागू
दिल्ली में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागू हो गया है। पॉल्युशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट के बिना गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दिया जा रहा है। बिना PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों की पहचान के लिए पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरे लगाए गए हैं।

Delhi Pollution Update: 12 लाख गाड़ियों पर असर
दिल्ली के अंदर और बॉर्डर पर गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। PUC जांच में फेल होने पर गाड़ियों को बिना फ्यूल दिए पेट्रोल पंप से लौटाया जा रहा है। वहीं, नॉन BS-6 इंजन वाली गाड़ियां बॉर्डर से ही यू-टर्न ले रही हैं। ये नियम लागु होने से दिल्ली में बाहर से आने-जाने वाली करीब 12 लाख गाड़ियों पर असर पड़ेगा। वहीं नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपए का चालान काटा जा रहा है।
करीब 500 जवान तैनात
Delhi Pollution Update: वाहनों की जांच के लिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और बॉर्डर पर 126 चेक प्वाइंट्स बनाए गए हैं। इन चेक प्वाइंट्स पर 580 जवानों की तैनाती की गई है, जिनका काम सिर्फ प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन कराना होगा। पेट्रोलिंग के लिए 37 ‘प्रखर’ वैन को सड़कों पर उतारा गया, जो नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को पकड़ेंगी।
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषणः 50 फीसदी सरकारी कर्मचारी करेंगे घर से काम
दिल्ली में पिछले 20 दिनों से लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान में बदलाव किया गया है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के मुताबिक अब दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी-3 की शुरुआत के साथ ही 5वीं तक सभी कक्षाओं को ऑनलाइन कराना अनिवार्य है।

पहले स्कूलों से जुड़े इस फैसले को लेने का अधिकार राज्य सरकारों को था, लेकिन अब इसे नियम बना दिया गया है। राजधानी में एक्यूआई बुधवार को लगातार पांचवें दिन 400 के स्तर को पार कर गया। पूरी खबर…
