दिल्ली के कॉलेज में छात्राओं से यौन शोषण: 17 छात्राओं का दिल दहला देने वाला खुलासा
delhi college chief sexual harassment: दिल्ली के वसंत कुंज में स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के कॉलेज चीफ पर यौन शोषण का गंभीर आरोप सामने आया है। 17 छात्राओं ने एक स्वर में आरोप लगाया है कि स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

जब इस खबर ने तूल पकड़ा, तो सारा देश स्तब्ध रह गया। कॉलेज का माहौल, जिसे छात्राओं ने ज्ञान और करियर बनाने के लिए चुना था, वहां डर और अपमान का वातावरण बन चुका था। क्या यह सच्चाई है या एक बड़ा षड्यंत्र? इस सवाल का जवाब जितना जटिल है, उतनी ही जटिल उस दर्दभरे अनुभव को बयान करना भी है, जिसे ये छात्राएं जी रही थीं।
क्या हुआ था कॉलेज में?
सभी आरोप लगाने वाली छात्राएं पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) की छात्राएं थीं, जो EWS (Economically Weaker Section) स्कॉलरशिप पर पढ़ाई कर रही थीं। आरोपों के मुताबिक, कॉलेज के चीफ ने उन्हें अश्लील मैसेज भेजे, उनके साथ न केवल गंदी भाषा का इस्तेमाल किया, बल्कि कई बार जबरन छुआ भी। इन घटनाओं का सामना करने के बाद, छात्राओं ने अपनी शिक्षकाओं से मदद मांगी, लेकिन अफसोस, कई महिला फैकल्टी ने आरोपियों की बात मानने का दबाव डाला।
आरोप लगाने वाली छात्राओं का कहना….
था कि कॉलेज के कुछ वार्डन भी आरोपी से मिलवाने के लिए मजबूर करते थे। यह मामला इतना संगीन था कि इसके बाद पुलिस ने 4 अगस्त को FIR दर्ज की, और 9 अगस्त को आरोपी को पद से हटा दिया गया, लेकिन आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस का दावा है कि आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के आगरा में मिली है, और उसकी वोल्वो कार पर फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट लगी थी।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जांच शुरू की। कई छापे मारे गए, CCTV फुटेज की जांच की गई, और आरोपी की वोल्वो कार को जब्त किया गया। इस कार पर “39 UN 1” का फर्जी यूनाइटेड नेशन नंबर प्लेट लगा था, जिससे यह साफ होता है कि आरोपी ने किसी तरह से अपनी स्थिति का दुरुपयोग किया था। हालांकि, स्वामी चैतन्यानंद की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वे उसे जल्द ही पकड़ने में सफल होंगे।
कर्नाटक स्थित श्री शारदा पीठ का बयान
इस मामले के बाद, शारदा इंस्टीट्यूट के संचालन करने वाली कर्नाटक स्थित श्रृंगेरी की संस्था, दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठ ने एक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वामी चैतन्यानंद का आचरण उनके संगठन के सिद्धांतों के खिलाफ है, और इसलिए पीठ का उनसे कोई संबंध नहीं है।
#MeToo आंदोलन की दिशा में एक और कदम है?
यह मामला उस #MeToo आंदोलन के बीच आता है, जिसने पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े खुलासे किए हैं। यह कहानी न केवल संस्थान की दीवारों को हिलाने वाली है, बल्कि हमारे समाज में एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या शिक्षा और शक्ति का दुरुपयोग इस हद तक किया जा सकता है? क्या हम हमेशा अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल देने में नाकाम रहेंगे?
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