Delhi blast Umar Nabi house demolition : दिल्ली ब्लास्ट में सुरक्षाबलों ने कश्मीर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी उमर नबी के घर को धवस्त कर दिया है, जो विस्फोटक से भरी कार चलाकर दिल्ली में धमाका करवा रहा था। इस धमाके में कई लोग घायल हुए थे और सुरक्षाबलों की इस जवाबी कार्रवाई से आतंकवादियों को बड़ा झटका लगा है। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) आज हरियाणा स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी में दस्तावेजों की जांच करने पहुंची है, जो इस मामले में संदिग्धों और फंडिंग कनेक्शन की पड़ताल कर रही है।
सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई
दरअसल, हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जांच के दौरान पता चला कि विस्फोट की साजिश के पीछे कश्मीर स्थित आतंकवादी नबी का हाथ है। सुरक्षाबलों ने इस आतंकवादी के ठिकाने पर कार्रवाई की । विस्फोटक से भरी कार उसी द्वारा चलाई जा रही थी, जिसे दिल्ली में धमाका करने के लिए उपयोग किया गया था। इस कार्रवाई से आतंकवादियों को गंभीर नुकसान पहुंचा है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी की भूमिका
दिल्ली ब्लास्ट में फंडिंग की जांच की दिशा में अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम भी सामने आया है। यूनिवर्सिटी में कुछ डॉक्टरों के इस मामले में शामिल होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने वहाँ फंडिंग और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी से जुड़े कई दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्डों की फोरेंसिक ऑडिट की जाएगी। यह जांच आतंकवादी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की भी पड़ताल करेगी।
ED का अल-फलाह यूनिवर्सिटी में औपचारिक छापा
ED आज इस यूनिवर्सिटी के फरीदाबाद स्थित मुख्यालय पहुंची है और वहाँ से वित्तीय लेन-देन के प्रमाण जुटा रही है। यह छापा यूनिवर्सिटी के कई प्रोफेसरों के संदिग्ध कनेक्शन की भी जांच का हिस्सा है। यह माना जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के कुछ हिस्सों का दुरुपयोग कर आतंकवाद के लिए वित्तीय सहायता जुटाई गई थी। इससे पहले भी विश्वविद्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारी जांच के दायरे में आ चुके हैं।
सरकार का फोरेंसिक ऑडिट और अंतर एजेंसी समन्वय
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में यह फैसला लिया गया कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी।इस जांच में ED, NIA सहित अन्य वित्तीय जांच एजेंसियां भाग लेंगी। यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग, फंडिंग के स्रोत और आतंकी मॉड्यूल से जुड़े कनेक्शनों के लिए व्यापक होगी।
इस पूरी घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की सजगता और कार्रवाई की गंभीरता को दिखाया है। दिल्ली ब्लास्ट के संदर्भ में आतंकियों के ठिकाने और उनके वित्तीय स्रोतों पर अब कड़ी नजर बनी हुई है। साथ ही अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच से इस मामले की गहराई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जिससे अन्य जुड़े हुए संदिग्धों को भी पकड़ने में मदद मिल सकेगी।
